UPITS 2026: ग्रेटर नोएडा में ब्रज की 'दीदियों' का दिखेगा दम, इंटरनेशनल ट्रेड शो में चमकेगा मथुरा-फिरोजाबाद का हुनर
ग्रेटर नोएडा में होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में ब्रज क्षेत्र की ग्रामीण महिलाएं अपने उत्पादों का प्रदर्शन ...और पढ़ें
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HighLights
ब्रज की ग्रामीण महिलाएं यूपीआईटीएस 2026 में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।
फिरोजाबाद के कांच, मथुरा के मिट्टी के बर्तन विदेशी खरीदारों को आकर्षित करेंगे।
यह ट्रेड शो ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बना वैश्विक पहचान दिलाएगा।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के 'लोकल फॉर वोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' विजन का असर अब जमीन पर साफ नजर आने लगा है। ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में इस बार ब्रज क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं के हुनर का डंका विश्व स्तर पर बजेगा। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ीं ब्रज की 'दीदियां' इस ट्रेड शो में अपने उत्पादों का सीधा प्रदर्शन और विपणन करेंगी। यह आयोजन इन महिलाओं के छोटे व्यवसायों को एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने जा रहा है।
विदेशी खरीदारों को लुभाएंगे ब्रज के खास उत्पाद
इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आगरा मंडल के विभिन्न जनपदों से उत्कृष्ट उत्पादों की व्यापक प्रदर्शनी लगाई जा रही है। विदेशी निवेशकों और खरीदारों के लिए फिरोजाबाद की महिलाओं द्वारा तैयार कांच के मनमोहक सजावटी उत्पाद आकर्षण का केंद्र होंगे। वहीं, मथुरा की महिलाओं के बनाए गए मिट्टी के खूबसूरत बर्तन, तुलसी गमले और फ्लावर पॉट्स यूपी की पारंपरिक कला को दर्शाएंगे। इसके अलावा, मैनपुरी के समूहों द्वारा तैयार की गई आकर्षक आर्टिफिशियल ज्वेलरी, टेडीबियर और इको-फ्रेंडली जूट बैग्स के स्टॉल भी लगेंगे, जिनकी सीधी बिक्री से ग्रामीण महिलाएं मुनाफा कमा सकेंगी।
उत्पादों के साथ योजनाओं का भी होगा शोकेस
यूपीआईटीएस केवल उत्पादों की बिक्री का मंच नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश में चल रही महिला सशक्तिकरण की योजनाओं का भी शोकेस बनेगा। मेले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह गठन, टेक होम राशन, बीसी सखी और विद्युत सखी जैसी योजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। ग्रामीण बैंकिंग में महिलाओं की भूमिका को दर्शाने के लिए आगरा के सैंया ब्लॉक (ग्राम पंचायत ब्रिथला) की बीसी सखी ममता भी इस ग्लोबल आयोजन में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रही हैं।
ग्लोबल एक्सपोजर से उत्साहित हैं ग्रामीण 'दीदियां'
गांव के सीमित दायरे से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रहे इस बड़े अवसर से ग्रामीण महिलाओं में भारी उत्साह है। मैनपुरी के लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की रीना कहती हैं कि गांव में बैठकर बनाई गई हमारी ज्वेलरी और जूट बैग आज इतने बड़े इंटरनेशनल मंच पर पहुंच रहे हैं, यह हमारे लिए गर्व की बात है। वहीं, फिरोजाबाद के एकता समूह की शान्ति देवी मानती हैं कि उनके हाथ से बने कांच के उत्पादों को जब देश-विदेश के लोग देखेंगे, तो न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं का हौसला भी बुलंद होगा।
स्वावलंबन की दिशा में मील का पत्थर
ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की सरकार की इस पहल पर आगरा के उपायुक्त (स्वत: रोजगार) प्रेम चंद का कहना है कि यूपीआईटीएस महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक बेहतरीन माध्यम है। ब्रज की दीदियों के उत्पादों की पहुंच जब ग्लोबल मार्केट तक होगी, तो इससे सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं की आय और आत्मविश्वास दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि करने वाला एक मील का पत्थर साबित होगा।
