लखनऊ, (शोभित मिश्र)। इटौंजा पुलिस ने नौ अक्टूबर को बिना नंबर की लाल-नीली बत्ती लगी वसूली में संलिप्त जिस बोलेरो जीप को पकड़ा था, वह जिला समाज कल्याण विभाग के बाबू की पत्नी की थी। ट्रक चालकों से वसूली कर रहे चालक समेत पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 

पुलिस विवेचना में सामने आया है कि जिला समाज कल्याण विभाग के एक बाबू ने अपनी पत्नी सविता के नाम से बोलेरो निकलवाई थी, जो एक मंत्री के एस्कॉर्ट में लगनी थी। सविता के खिलाफ पुलिस ने एमवी एक्ट, जालसाजी और साजिश रचने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। साथ ही बाबू के खिलाफ कार्रवाई के लिए समाज कल्याण विभाग को पत्र भेजा है। 

बोलेरो के साथ गिरफ्तार किए गए बाराबंकी घुंघटेर निवासी चालक राहुल उर्फ रवि ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि बाबू ने बोलेरो पर लाल-नीली बत्ती व सायरन के साथ पुलिस एस्कॉर्ट लिखवाकर उसे चलाने को दी थी। 

ये था मामला

ट्रक चालक शेरनगर थाना मुजफ्फरनगर निवासी मो.सलीम ने इटौंजा पुलिस को सूचना दी कि नौ अक्टूबर की रात में वह सामान लेकर सितारगंज उत्तराखंड जा रहा था। रात 12 बजे इटौंजा कुर्सी मार्ग पर लाल-नीली बत्ती लगी सफेद रंग की बोलेरो से उतरे पांच लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे रोक लिया। साथ ही 500 रुपये जबरन छीन लिए और लदे सामान की बिल्टी लेकर चले गए। आरोपित और भी ट्रक चालकों से वसूली कर रहे थे। ट्रक चालक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्जकर छानबीन की तो सभी आरोपित बोलेरो के साथ पकड़े गए।

ये लोग हुए थे गिरफ्तार

पकड़े गए आरोपितों में देवरा करुआ घुंघटेर बाराबंकी निवासी बोलेरो का चालक राहुल उर्फ रवि, मनोज, विश्रामपुरवा इटौंजा निवासी नरेंद्र यादव, राजेश यादव, शुभम यादव हैं।  एएसपी ग्रामीण विक्रांत वीर ने बताया क‍ि बोलेरो जीप समाज कल्याण विभाग के बाबू ने पत्नी के नाम निकलवाई थी। जो किसी मंत्री के एस्कॉर्ट के साथ लगनी थी। 

Posted By: Anurag Gupta

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस