लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया। पंचायत भवन अलीगंज में मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग विश्वकर्मा समाज के सम्मेलन को संबोधित किया।

भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी वर्ग पर फोकस कर रही है। इस क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन में विश्वकर्मा समाज के सम्मेलन में राष्ट्रवाद की भावना पर बल दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो देश का हितैषी होगा वहीं प्रदेश का हितैषी होगा। जो भारत में राम का द्रोही होगा वह आपका हितैषी कैसे हो सकता है। रावण जैसे त्रैलोक विजयी को समाप्त करने के लिए विश्वकर्मा जी के मानस पुत्रों ने बिना किसी भय और संकोच के समुद्र में सेतु बंधु बनाने में अपना अहम योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि इस सरकार में हर तबके को सम्मान मिलेगा। पंचायत चुनाव में सभी तबकों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। पिछड़ा वर्ग आयोग में भी दो सदस्य विश्चकर्मा समाज से जुड़े हैं। रामचंद्र जांगड़ा जी राज्यसभा में हैं। विश्वकर्मा समाज से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि आप गांव-गांव और घर-घर जाइए। लोगों को सरकार का कामकाज बताइए।

पिछली सरकार में महाभारत जैसा दृश्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए पूववर्ती अखिलेश सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकारें पहले भी आती थीं। पहले की सरकारें अपने परिवार को ही प्रदेश मान लेती थीं। आप लोगों ने 2012 से 2017 के बीच में देखा होगा कि कैसे एक पूरा खानदान लूट-खसोट में लगा हुआ था। महाभारत के सारे रिश्ते उनके पास थे। कहीं चाचा हैं, कहीं मामा हैं, कहीं नाना है तो कहीं भतीजा है। यह सभी महाभारत के रिश्तों को ताजा कर रहे थे। कोई किसी को धक्का देकर बाहर कर रहा था तो कोई सत्ता के लिए किसी को मार रहा था। कोई किसी की संपत्ति पर कब्जा कर रहा था तो कोई दंगों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा था। महाभारत का दृश्य यदि देखना था तो सन् 2012 से 2017 के बीच की प्रदेश में जो सरकार थी वह जीवंत कलियुगी सरकार थी।

हिंदुओं के त्योहारों से पहले होते थे दंगे

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल पर हमला जारी रखते हुए कहा कि पहले दंगे कब होते थे। जब आपके त्योहार आते थे। होली आई तो उसके पहले दंगा, रक्षाबंधन आया तो दंगा, विजय दशमी आई तो दंगा, जन्माष्टमी आई तो दंगा, दीपावली आई तो दंगा, शिवरात्रि, होली और रामनवमी आई तो उससे पहले दंगा। कोई पर्व और त्योहार नहीं मना पाता था। उन्होंने कहा कि सबको प्रताडि़त किया जाता था। हिंदू प्रताडि़त होता था। अगर शिकायत के लिए जाता था तो मुकदमा कर उसे बंद कर दिया जाता था। शायद ही कोई जिला ऐसा था जहां दंगा न होता हो। हिंदू प्रताडि़त किया जाता था। कर्फ्यू के साये में पर्व तथा त्योहार किसी तरह मनाए जाते थे। इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया और बोले क्या आज कोई दंगा कर पाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमसे पहले भी सरकार में लोग बेशर्मी के साथ गोल टोपी पहनकर उन लोगों के बीच में जाकर प्रदेश की जनता को अपमानित करने का काम करते थे। आज पर्व और त्योहार में खलल डालने का किसी को अधिकार नहीं है।

साढ़े चार वर्ष में साढ़े चार लाख नौकरियां दीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने साढ़े चार साल में साढ़े चार लाख से अधिक लोगों को नौकरी दी। 2004 से 2017 के बीच यानी पहले 14 वर्ष में इतनी नौकरी नहीं दी गईं। पहले जब नौकरीे निकलती थीं तो कहीं भाई, कहीं भतीजा, कहीं चाचा सबके सब वसूली में लग जाते थे। किसी योग्य व्यक्ति को नौकरी नहीं मिल पाती थी। आज यह संभव नहीं है। मेरिट के आधार पर नौकरी के आधार पर दी जाती है।

Edited By: Dharmendra Pandey