लखनऊ,जेएनएन। पेट्रोल और डीजल चालित वाहनों के धुएं से लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को कम करने के लिए जल्द ही वाहनों को बायोडीजल से दौड़ाने की तैयारी है। बायोडीजल से जहां पर्यावरण को राहत मिलेगी, वहीं तेल को बार-बार गर्म कर इस्तेमाल करने की प्रक्रिया पर भी अंकुश लग सकेगा। इसके लिए बीस अगस्त से सर्वे शुरू किया जा रहा है। 

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी योजना को अमली जामा पहनाने की कोशिशें परवान चढ़ने लगी हैं। माना जा रहा है कि बायोडीजल काफी हद तक डीजल का विकल्प हो सकता है। राजधानी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से सोमवार को बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस्तेमाल किए गए खाद्य तेलों को बायोडीजल में तब्दील करने की पूरी प्रक्रिया पर विभिन्न संस्थाओं से बात की गई। अपर मुख्य सचिव अनीता जैन भटनागर ने इस पूरी योजना के बाबत होटल, रेस्टोरेंट और उन तमाम एजेंसियों के प्रतिनिधियों से बात की जो खाद्य तेलों का बड़े रूप में इस्तेमाल करते हैं।

क्या है बायोडीजल

बार-बार खाद्य तेल को गर्म करने पर उसका टोटल पोलर कपांउड बढ़ता है और 25 प्रतिशत से अधिक होने पर मानव शरीर के लिए बेहद घातक हो सकता है। इस तरह के खाद्य तेलों को एक प्रक्रिया के द्वारा बायोडीजल में तब्दील किया जाता है। इसे वाहनों के ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। 

पूरे प्रदेश में चलेगा अभियान

बीस से 30 अगस्त के बीच सूबे में सर्वे होगा, जिसमें बड़े होटल, रेस्टोरेंट और नमकीन कारोबारियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेलों की मात्रा पता लगाया जाएगा। इसके लिए इसकी खरीद की प्रक्रिया शुरू होगी।

डीजल के दाम में मिलेगा बायोडीजल

खाद्य तेल को बायोडीजल में परिवर्तित करने के लिए बायो डी कंपनी कारोबारियों से तेल खरीदकर उसे परिवर्तित कर इंडियन ऑयल को देगी। फिर इंडियन ऑयल इस बायोडीजल को अपने पंपों को देगा जिसे डीजल में मिक्स कर बेचा जाएगा। इससे डीजल के दामों में किसी तरह का फर्क नहीं पड़ेगा।

 

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