लखनऊ, जेएनएन। मोहनलालगंज में अभियंता व बाबू के काॅकस में फंसे उपभोक्ता कमल किशोर का बिल अभियंताओं की टीम ने मामला उछलने के तीन घंटे बाद संशोधित करते हुए तेरह हजार माइनस में कर दिया। चेक मीटर लगाने के बाद डेढ़ से दो घंटे मानीटरिंग की गई और जांच में पाया गया कि मीटर अपनी चाल से तीन गुना तेज भाग रहा है। यह समस्या कई माह से चली आ रही थी। हालंकि यह सारी सुनवाई आत्मदाह का प्रयास करने के बाद हुई। आम उपभोक्ता के यहां चेक मीटर पंद्रह दिन तक लगा रहता है और उसके बाद मीटर सेक्शन के कर्मचारी दोनों मीटरों की रिपोर्ट भरते हैं और उपभोक्ता को बिजली घर के दर्जनों चक्कर लगाने के बाद एक बिल संशोधित होता है।

किसान का मामला इसलिए हाईलाइट हो गया कि उसने आत्मदाह का प्रयास किया था। यही नहीं पूरे मामले में मध्यांचल एमडी सूर्य पाल गंगवार स्वयं रात तक लगे रहे। मामला समझने के बाद मौके पर टीम भेजकर जांच करवाई और निस्तारित करने का दावा किया। सवाल खड़ा होता है आखिर यह नौबत आई क्यों? सेस तृतीय के अभियंताओं को फिलहाल इस पूरे प्रकरण में क्लीन चिट दे दी गई है। बिजली विभाग ने मामले में लीपापोती करते हुए बाबू गोपाल मोहन कुलश्रेष्ठ को चार्जशीट दे दी है। वहीं एमडी सूर्य पाल गंगवार ने बुधवार देर रात जारी प्रेस नोट मे दावा किया था कि अधिशासी अभियंता से 16 सितंबर को मिलते ही समस्या का समाधान करा दिया गया, आखिर यह काम पहले क्यों नहीं किया गया?। हालांकि अब यह मामला यही शांत हो गया, क्योंकि उपभोक्ता भी दबी जुबान में कोई कार्रवाई नहीं चाहता। वहीं लिपिक को बिल संशोधन के काम से भी हटा दिया गया? है। अधिशासी अभियंता आरएन वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को लिपिक को दी गई चार्जशीट में उसके द्वारा बरती गई लापरवाही पर जवाब तलब किया गया? है। उनका कहना है कि किसान कमल किशोर नलकूप का मीटर तेज चलने की शिकायत लेकर लिपिक गोपाल मोहन के पास गयाथा और उसी से मीटर की जांच कराने की पैरवी कर रहा था । बाबू ने मीटर की फीस जमा कराकर चेक मीटर लगवाने की प्रक्रिया में लापरवाही बरती है। अब बाबू को तीन दिन में जवाब देना है। उसके बार कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

मृतक के नाम चलता रहा कनेक्शन

किसान सुखलाल की करीब डेढ़ वर्ष पूर्व ही मौत हो चुकी है। बिजली विभाग लगातार मृतक के नाम पर ही बिल भेजता रहा। बिल का नाम तक संशोधित नहीं किया गया है। यही नहीं उपभोक्ता ने भी इसकी जरूरत नहीं समझी। अभियंताओं का तर्क है कि उपभोक्ता की ओर से आवेदन पत्र लेकर इसे भी ठीक किया जाएगा। 

बाबू की भूमिका संदिग्ध

उपभोक्ता कमल किशोर की समस्या का समाधान अगर संबंधित बाबू अपने स्तर से नहीं कर सकते थे, तो वह संबंधित अभियंता के पास भेज सकते थे। इसके बाद भी बाबू ने टाल मटाेल जारी रखा। खासबात रही कि एक बार भी उपभोक्ता से यही नहीं कहा कि बिल रिवाइज करना अभियंता के अधिकार क्षेत्र में आता है। जब तक एसडीओ व अधिशासी अभियंता आदेश नहीं देते, तब तक उपभोक्ता का बिल सीधे लेकर देखना उसके अधिकार क्षेत्र में नही है। इसके बाद भी उपभोक्ता के बेटे कमल किशोर को संबंधित बाबू दौड़ाता रहा। 

किसान का बेटा भी हर पल बदलता रहा बयान

उपभोक्ता कमल किशोर भी अपने बयान बदलता रहा। बुधवार को डीजल लेकर आत्मदाह का प्रयास किया था, जबकि डीजल जल्द आग पकड़ता नहीं।वहीं जब बिजली महकमे ने सुविधा शुल्क मांगने वाले के खिलाफ लिखकर देने को कहा, तो वह पीछे हट गया।यही नहीं उपभोक्ता का तर्क था कि वह लिखकर नहीं देगा कि किसी ने पैसे मांगे है या नहीं। सूत्रों के माने तो बिजली विभाग के कई कर्मचारी पूरे मामले को दबाने के लिए गुरुवार को प्रयास करते रहे। 

बिजली बिल लिपिक को 4 सीट काम से हटाया.

मोहनलालगंज में किसान के द्वारा आत्मदाह करने की कोशिश का मामला लखनऊ। मोहनलालगंज में किसान युवक के द्वारा बीते बुधवार को बिजली विभाग के कार्यालय में आत्मदाह करने की कोशिश में लापरवाह बिल लिपिक गोपाल मोहन कुलश्रेष्ठ को चार्जशीट मिल गई । यही नहीं लिपिक को बिल संशोधन के काम से भी हटा दिया गया है। अधिशासी अभियंता आरएन वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को लिपिक को दी गई चार्जशीट में उसके द्वारा बरती गई लापरवाही पर जवाब तलब किया गया है। उनका कहना है कि किसान कमल किशोर नलकूप का मीटर तेज चलने की शिकायत लेकर लिपिक गोपाल मोहन के पास गया था और उसी से मीटर की जांच कराने की पैरवी कर रहा था । इस मामले में गोपाल मोहन ने तेज चल रहे मीटर की फीस जमा कराकर चेक मीटर लगवाने की प्रक्रिया में लापरवाही बरती है। चार्जशीट का तीन दिन में जवाब आने के बाद लिपिक के खिलाफ और कार्रवाई होगी। तब तक वह उपभोक्ताओं के बिजली बिल संबंधी कोई काम नहीं करेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए। 

लिखित शिकायत करने से कतरा रहा किसान... जांच कमजोर करने के लिए आत्मदाह करने वाले किसान युवक ने लिखित रूप से अधिशासी अभियंता को उत्पीड़न और लिपिक के द्वारा उपभोक्ता सेवाओं का उल्लंघन किए जाने की शिकायत देने से कतरा रहा है। जानकारों का कहना है कि किसान युवक से मामले को रफा-दफा करने के लिए बिचौलियों के जरिए बातचीत चल रही है।

 

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