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यूपी में धान किसानों को बड़ी राहत, अब क्रय केंद्रों पर सप्ताह भर होगी 50 क्विंटल से अधिक खरीद

यूपी में क्रय केंद्रों पर सप्ताह के सभी दिन 50 क्विंटल से अधिक धान खरीदा जायेगा। पहले सप्ताह में चार दिन सोमवार से गुरुवार तक एक किसान से अधिकतम 50 क्विंटल धान तथा शुक्रवार व शनिवार के दिन 50 क्विंटल से अधिक धान की क्रय किए जाने की व्यवस्था थी।

By Umesh TiwariEdited By: Published: Fri, 22 Oct 2021 10:42 PM (IST)Updated: Fri, 22 Oct 2021 10:44 PM (IST)
यूपी में धान किसानों को बड़ी राहत, अब क्रय केंद्रों पर सप्ताह भर होगी 50 क्विंटल से अधिक खरीद
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने धान किसानों को बड़ी राहत दी है।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने धान किसानों को बड़ी राहत दी है। किसानों की सुविधा के लिए अब क्रय केंद्रों पर सप्ताह के सभी दिन 50 क्विंटल से अधिक धान खरीदा जायेगा। इससे पहले सप्ताह में चार दिन सोमवार से गुरुवार तक एक किसान से अधिकतम 50 क्विंटल धान तथा शुक्रवार व शनिवार के दिन 50 क्विंटल से अधिक धान की क्रय किए जाने की व्यवस्था थी। जिसे अब संशोधित कर दिया गया है। वहीं सीतापुर में धान खरीद शुरू हो गई है, जो 11 फरवरी 2022 तक जारी रहेगी।

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खरीफ विपणन वर्ष 2021-2022 में लखनऊ सम्भाग के हरदोई, लखीमपुर तथा सम्भाग बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी में धान क्रय की अवधि 31 जनवरी, 2022 तक रहेगी। यहां धान की खरीद एक अक्टूबर को शुरू हुई थी। लखनऊ सम्भाग के जिला लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव के अलावा चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मिरजापुर व प्रयागराज मंडलों में एक नवंबर से 28 फरवरी 2022 तक धान की खरीद होगी।

सीतापुर में पिछले वर्ष तक धान की खरीद एक अक्टूबर से शुरू होती थी। लेकिन इस बार अधिकारियों ने जिले में आवत देर से होने का हवाला देते हुए धान की खरीद नवंबर से शुरू किए जाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि किसानों की मांग पर सीतापुर में 12 अक्टूबर से धान की खरीद शुरू कर दी गई है। खाद्य व रसद विभाग ने धान क्रय नीति में संशोधन का आदेश जारी कर दिया है। जिसके अनुरूप किसान अपनी सुविधा के अनुसार अपने जिले या पास के जिले के किसी केंद्र पर अपना धान टोकन प्राप्त कर बेच सकेंगे।

यदि कोई किसान किसी केंद्र पर एक बार अपना धान बेच लेता है, तो उसे अगली बार भी उत्पादित धान की शेष मात्रा उसी केंद्र पर बेचनी होगी। कृषकों को उपज की मात्रा का आंकलन कृषि विभाग द्वारा वर्ष 2021-22 में प्रति हेक्टेयर अनुमानित औसत उत्पादकता के 120 प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा। इससे अधिक की मांग/आवश्यकता पाए जाने पर डीएम संबंधित प्रस्ताव खाद्य आयुक्त को भेजेंगे।


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