लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के घोसी से बसपा सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़ित युवती के आत्मदाह के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को इस प्रकरण में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। महिला अपराध के गंभीर और संवेदनशील मामले में लापरवाही, मनमानी व अदूरदर्शिता के दोषी पाए गए वाराणसी में तैनात रहे निलंबित डिप्टी एसपी अमरेश कुमार सिंह बघेल को बर्खास्त कर दिया गया है। बीते दिनों उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसी मामले में वह निलंबित भी चल रहे थे।

वाराणसी के भेलूपुर सीओ रहे अमरेश सिंह बघेल को 30 दिसंबर, 2020 को निलंबित किया गया था। निलंबित सीओ अमरेश सिंह ने प्रयागराज स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में अतुल राय के पक्ष में गवाही भी दी थी। जिसके बाद 29 सितंबर की रात वाराणसी पुलिस ने अमरेश सिंह को बाराबंकी से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने अमरेश सिंह को पीड़ित युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में जेल भेजा दिया था। एक अक्तूबर को बघेल को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

तत्कालीन सीओ अमरेश पर घोसी के बसपा सांसद अतुल राय को दुष्कर्म के मामले में मदद पहुंचाने का गंभीर आरोप था। वर्ष 2020 में सीओ भेलूपुर के पद पर तैनात अमरेश सिंह ने अतुल राय के पिता भरत सिंह की ओर से दिए गए शिकायती पत्र की जांच की थी और अपनी जांच आख्या में स्वतंत्र साक्षियों के बयान व एक आडियो रिकार्डिंग के आधार पर पीडि़त युवती व अन्य के विरुद्ध अतुल राय को झूठे मुकदमे में फंसाने का षड्यंत्र रचने की बात कही थी। जबकि दुष्कर्म के मामले में पुलिस आरोपित अतुल राय के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी थी। शासन ने सीओ के विरुद्ध विभागीय जांच आइजी प्रयागाराज रेंज को सौंपी थी। जांच में मामला कोर्ट में होने के बावजूद सीओ के इस तरह के निष्कर्ष पर पहुंचने को उनकी लापरवाही व मनमानी माना गया।

निलंबित डीएसपी अमरेश सिंह बघेल की गिरफ्तारी के बाद शासन ने वाराणसी तत्कालीन अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी), नगर विकास चंद्र त्रिपाठी को निलंबित किया था। विकास त्रिपाठी को एसआइटी ने पीड़ित युवती व उसके पैरोकार युवक की ओर से की गई शिकायतों की जांच में शिथिलता का दोषी पाया था। इससे पहले जांच टीम की अंतरिम रिपोर्ट पर बीते दिनों पूर्व आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर व सांसद अतुल राय के विरुद्ध लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में पीड़ित युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई थी। लखनऊ पुलिस ने आरोपित अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार किया था।

पीड़िता व पैरोकार युवक ने कर लिया था आत्मदाह : पीड़िता ने मई 2019 में वाराणसी के लंका थाने में अतुल राय के विरुद्ध दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में एफआइआर दर्ज कराई थी। युवती ने प्रकरण में पुलिस कार्रवाई पर बड़े सवाल उठाते हुए 16 अगस्त को अपने पैरोकार युवक के साथ सुप्रीम कोर्ट के गेट के सामने आत्मदाह कर लिया था। गंभीर रूप से झुलसी युवती व पैरोकार युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद शासन ने डीजी व एडीजी की संयुक्त जांच टीम गठित की थी। जांच टीम की अंतरिम रिपोर्ट पर लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में अतुल राय व पूर्व आइपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध पीड़ित युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआइआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया था।

Edited By: Umesh Tiwari