लखनऊ[जागरण संवाददाता]। मोहान रोड स्थित डॉ. शकुंतला मिश्र राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के हॉस्टल में गुरुवार (19 अप्रैल)देर शाम बीएड की छात्रा पारुल (23) फंदे पर लटकी मिली। घटना की जानकारी पर प्रबंधन के लोग छात्रा को फंदे से उतारकर एरा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहा डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, घटना से नाराज सैकड़ों छात्र-छात्रओं ने पारुल की हत्या किए जाने का आरोप लगाकर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर हंगामा किया। रात करीब 11 बजे कुलपति प्रवीर कुमार विवि पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित छात्र-छात्रओं को शात कराया और घटना की जाच के आदेश दिए। देवरिया जिले के जगहटा भाटपार रानी गाव निवासी कमला पति सिंह की बेटी पारुल (23) डॉ. शकुंतला मिश्र विश्वविद्यालय में बीएड की छात्रा थी। कॉलेज के ग‌र्ल्स हॉस्टल के द्वितीय तल पर कमरा नंबर 219 में रहती थी। देर शाम छात्रा कमरे के अंदर फंदे पर लटकी मिली। छात्रा के आत्महत्या की जानकारी पर हॉस्टल में सैकड़ों छात्र-छात्रएं इकट्ठा हो गए और हंगामा करने लगे। इसके बाद छात्र-छात्रएं वीसी को बुलाने की जिद पर अड़ गए। बवाल की सूचना पर पारा इंस्पेक्टर अखिलेश चंद्र पाडेय, सीओ आलमबाग संजीव सिन्हा समेत भारी पुलिस बल और पीएसी मौके पर पहुंची। पुलिस ने हंगामा कर रहे छात्र-छात्रओं को समझाने का प्रयास किया पर कोई सफलता नहीं मिली।

स्कूटर से छात्र को लेकर पहुंचे अस्पताल

बताया जा रहा है कि छात्र को फंदे पर लटका देख प्रबंधन के लोगों ने उसे उतारा। उसके बाद प्रबंधन के लोग स्कूटर से छात्र को बुद्धेश्वर स्थित एक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहा से छात्र की हालात नाजुक देख उसे एरा रेफर कर दिया गया। इसके बाद उसे एरा हॉस्पिटल ले जाया गया।

प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुईं दर्जन भर छात्रएं

हॉस्टल में कुल 350 छात्रएं रहती हैं। प्रदर्शन के दौरान करीब दर्जन भर छात्रएं बेहोश हो गईं। छात्रओं की हालात बिगड़ती देख छात्रों ने पानी की छींटें डालकर उन्हें होश में लाया। इसके बाद पुलिस ने छात्रओं को क्षेत्र स्थित अस्पताल पहुंचाया।

छात्र-छात्रओं ने पुलिस को नहीं जाने दिया कमरे में

प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्रओं ने दो घटे तक पुलिस को कमरे में नहीं दाखिल होने दिया। वह वीसी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े थे। इस बीच छात्र-छात्रओं ने मृतका का कमरा भी बंद कर दिया। शर्मनाक रही विवि की भूमिका

विवि के हॉस्टल में छात्र की मौत के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका शर्मनाक रही। छात्रओं का कहना है कि घटना के बाद न तो विवि प्रशासन द्वारा पारुल को नजदीकी अस्पताल ले जाने के इंतजाम किए गए और न ही कोई अधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले में प्रॉक्टर पी. राजीव नयन का कहना है कि मामले की पुलिसिया जाच के बाद ही हकीकत सामने आएगी।

क्या कहना है पुलिस का?

सीओ आलमबाग ने बताया कि छात्र ने फासी लगाई है। उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। परिजन जो भी तहरीर देंगे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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