सीतापुर, संवाद सूत्र। जिला जेल में सजायाफ्ता बंदी की मौत हो गई। बंदी, बाराबंकी जिले का निवासी था। उसे सात दिन पहले ही सजा हुई थी। सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे परिवारजन ने मौत पर सवाल उठाए। वहीं जेल प्रशासन ने हार्ट अटैक से बंदी की मौत होने की बात कही। बाराबंकी के गुंगटेर थाना के गांव अटहरा में रहने वाले हन्नू उर्फ हरिनाम पुत्र पाटनदीन को सात दिन पहले दुष्कर्म के मामले में आठ वर्ष की सजा सुनाई गई थी। फैसला आने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।

शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे उसकी मौत हो गई। जेल से सूचना पहुंची तो परिवारीजन जिला अस्पताल पहुंचे। बंदी हरिनाम के भाई दयाराम ने बताया कि गुरुवार देर रात फोनकर हन्नू के बीमार होने की बात कही गई थी। सुबह पांच बजे जेल से फोन कर मौत की सूचना दी गई। खबर मिली तो परिवार में कोहराम मच गया। दयाराम के साथ मृतक बंदी का बड़ा बेटा राहुल व अन्य लोग भी सीतापुर पहुंचे। परिवारजन का कहना है कि जेल भेजे जाने के समय हन्नू की तबियत बिल्कुल ठीक थी। अचानक से बीमारी की बात समझ नहीं आ रही। 

बंदी के परिवार में चार बेटी और दो बेटेः भाई दयाराम ने बताया कि हन्नू के परिवार में पत्नी, चार बेटियां और दो बेटे हैं। दो बेटियां शादी लायक हो चुकी हैं, जबकि दो अभी छोटी हैं। वहीं, बड़े लड़के का नाम राहुल व छोटा कुलदीप है। हन्नू की मौत से परिवार में मातम है। 

2010 में दर्ज हुआ था दुष्कर्म का केसः मृतक बंदी हन्नू उर्फ हरिनाम पर वर्ष 2010 में महमूदाबाद कोतवाली में दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था। पीड़ित ने रात के समय घर के बाहर सोई बेटी को उठा ले जाने और दुष्कर्म की बात कही थी। बीते सात जनवरी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट- 12 ने हन्नू को सजा सुनाई थी।

बाराबंकी जिला निवासी बंदी हन्नू, सात जनवरी को जेल आया था। सुबह हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दो अटैक उसे पहले भी पड़ चुके थे। -आरएस यादव, जेलर

Edited By: Vikas Mishra