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पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, लखनऊ में सड़क पर उतरे बैंककर्मी

Published: Fri, 11 Sep 2026 02:04 PM (GMT+05:30)

Bankers Strike: यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन अवकाश मिलने से कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा और कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

हजरतगंज में इंडियन बैंक के सामने प्रदर्शन करते बैंक कर्मी

हजरतगंज में इंडियन बैंक के सामने प्रदर्शन करते बैंक कर्मी

HighLights

  1. देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में इंडियन बैंक परिसर में की सभा

  2. कर्मियों ने की पीएलआई योजना में भेदभाव खत्म करने की मांग

जागरण संवाददाता, लखनऊ। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और भेदभाव रहित परफार्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआइ) योजना लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को लखनऊ में बैंक कर्मचारियों ने हजरतगंज में प्रदर्शन किया।

इंडियन बैंक परिसर में सभा कर अपनी मांगें बुलंद कीं। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों ने सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की।
हड़ताल के कारण सुबह दस बजे से ही चलते बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। विभिन्न संगठनों के नेता वाईके अरोड़ा, दिनेश कुमार सिंह, एसके संगतानी ने सभा के दौरान अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां और समान सुविधाएं मिलनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को प्रमुखता से उठाया। यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन अवकाश मिलने से कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होगा और कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। इसके साथ ही पीएलआइ योजना में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
सचिन केशरवानी ने कहा कि सभी पात्र बैंक कर्मचारियों को समान अवसर और पारदर्शी व्यवस्था के तहत इसका लाभ मिलना चाहिए। अशोक अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन को सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए।
सभा के बाद कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में विभिन्न बैंक यूनियनों से जुड़े कर्मचारी शामिल हुए। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।