लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बलिया की घटना के मुख्य आरोपित धीरेंद्र प्रताप सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। धीरेंद्र घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने धीरेंद्र प्रताप सिंह के पक्ष में लगातार बयानबाजी कर रहे बलिया के बैरिया से भाजपा के विधायक सुरेंद्र सिंह को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में तलब किया है। 

उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम ने बलिया में कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर विवाद के दौरान फायरिंग तथा हत्याकांड के मुख्य आरोपित धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्बू सिंह को लखनऊ में फैजाबाद रोड से गिरफ्तार किया। धीरेंद्र प्रताप सिंह, पुत्र वीरेंद्र प्रताप सिंह निवासी दुर्जनपुर, थाना रेवती, बलिया के पास से इस दौरान एक हजार रुपया नगद तथा दो आधार कार्ड मिला है। 

धीरेंद्र प्रताप सिंह को पॉलीटेक्निक चौराहा के पास सहारा ट्रेड सेंटर, थाना गाजीपुर के सामने से गिरफ्तार किया। 50 हजार के इनामी के खिलाफ बलिया के रेवती थाना में केस दर्ज है। इस केस के संबंध में एसटीएफ की विभिन्न यूनिट को कार्रवाई का निर्देश मिला था। मुखबिर से मिली सूचना के अनुसार निरीक्षक प्रमोद कुमार वर्मा के साथ उपनिरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह, आरक्षी राजीव सिंह, आरक्षी सुनील राय की एक टीम सक्रिय थी।

बताया गया था कि आज धीरेंद्र प्रताप सिंह लखनऊ में पॉलीटेक्निक चैराहे के पास किसी साथी से मिलने के लिये आया है, वह वहां पर उसका इंतजार कर रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ टीम पहुंची और आवश्यक बल प्रयोग कर धीरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। धीरेंद्र प्रताप सिंह के साथ उत्तर प्रदेश एसटीएफ की कोई भी मुठभेड़ नहीं हुई, बड़े ही सामान्य तरीके से उसकी गिरफ्तारी की गई है। उसको गिरफ्तार करने के बाद एसटीएफ अपनी ऑफिस गोमतीनगर लेकर गई। इसके बाद में गिरफ्तार धीरेंद्र प्रताप सिंह थाना गाजीपुर, लखनऊ में दाखिल करके आगे की कार्रवाई के लिए बलिया भेजा गया है।

माना जा रहा है कि बलिया से धीरेंद्र प्रताप सिंह बिहार भाग गया था। इस कांड के बाद ही एसटीएफ भी उसकी तलाश में लग गई थी। एसटीएफ ने मुखबिरों को भी काम पर लगा दिया था। धीरेंद्र प्रताप सिंह आज तड़के लखनऊ पहुंचा था। वह यहां पर अपने जिले के करीबी लोगों के घर पर पनाह लेने की जुगत में था। चर्चा थी कि मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह ने आत्मसमर्पण के लिए बीते शनिवार को न्यायालय में अर्जी लगाई है और सोमवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर सकता है। 

धीरेंद्र सिंह के परिवार की सीबीआई जांच की मांग

आरोपित धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डब्बू सिंह का परिवार मामले की सीबीआई जांच चाहता है। इसके साथ ही परिवार नार्को टेस्ट कराये जाने की मांग कर रहा है। धीरेंद्र सिंह की भाभी आशा प्रताप और बेबी सिंह (नरेंद्र और प्रयाग सिंह की पत्नियां) अब राज्य सरकार पर एक तरफा जांच होने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं मौके पर मौजूद आरोपी की दूसरी भाभी आशा सिंह मेडिकल होने के बावजूद मुकदमा न लिखाये जाने पर पुलिस पर दबाव में काम करने का आरोप लगा रही है। इसके अलावा हिंदू युवा वाहिनी के जिला प्रभारी पंकज सिंह भी इस मामले पर पुलिस और प्रशासन की कारवाई को एक तरफा और गलत बता रहे है।

डीआइजी बोले-बेहद सख्त कार्रवाई तय

डीआइजी आजमगढ़ रेंज सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि हम धीरेंद्र प्रताप सिंह को रिमांड पर लेंगे। इस मामले में आठ लोग नामजद है, जिनमें से पांच को गिरफतार किया गया है। इन पांच में से तीन 50-50 हजार रुपया के इनामी हैं। धीरेंद्र प्रताप सिंह सहित दो अन्य को आज ही गिरफ्तार किया गया है। शेष तीन को भी आज शाम तक गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीआइजी ने बताया कि आज ही संतोष यादव व अमरजीत यादव को बलिया कोतवाली से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में बेहद कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी जरा सी ढील का मौका नहीं मिलेगा। इनके ऊपर गैंगस्टर एक्ट के साथ ही एनएसए को लगेगा ही, इसके साथ ही प्रापर्टी भी सीज करने की कार्रवाई होगी। 

बलिया के दुर्जनपुर गांव में 15 अक्टूबर को सरकारी कोटे के तहत दुकानों के आवंटन के लिए पंचायत के दौरान एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में फायरिंग में जयप्रकाश पाल की मौत के मामले में भाजपा कार्यकर्ता धीरेंद्र प्रताप सिंह को मुख्य आरोपित बनाया गया है। वह बीते चार दिन से फरार चल रहा था। वह बीते चार दिन से फरार चल रहा था। इस कांड में बैरिया से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र सिंह के खुलकर धीरेंद्र प्रताप सिंह के पक्ष में आ जाने से मामला काफी सुर्खियों में है। अब सपा व बसपा के प्रतिनिधिमंडल के पीड़ित परिवार से मिलकर साथ देने का वादा करने के बाद से राजनीति चरम पर है।

दुर्जनपुर गांव के इस गोलीकांड पर सीएम योगी आदित्यनाथ का रूख काफी सख्त होने के बाद एसडीएम व सीओ सहित थाना के आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। शनिवार को पुलिस ने तीन और आरोपितों राज प्रताप यादव, मुन्ना यादव व राजन तिवारी को दबोच लिया। मुख्य आरोपित धीरेंद्र प्रताप सिंह अब भी पकड़ से बाहर है। नामजद आठ व 25 अज्ञात आरोपितों में से अभी तक कुल पांच को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। फरार मुख्य आरोपित धीरेंद्र प्रताप सिंह सेना का रिटायर्ड जवान है। वह भारतीय जनता पार्टी भूतपूर्व सैनिक संगठन की बैरिया तहसील इकाई का अध्यक्ष भी है। मृतक के जयप्रकाश उर्फ गामा पाल के भाई सूरज पाल ने कहा कि आरोपी के पकड़े जाने से खुशी तो है पर उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए और हमारे परिवार को सुरक्षा भी मिलनी चाहिए।

आरोपितों पर होगी रासुका की कार्रवाई : डीआइजी

गोलीकांड के आरोपितों के विरुद्ध रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) व गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। आजमगढ़ परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि आरोपित देवेंद्र प्रताप सिंह व नरेंद्र प्रताप सिंह सहित पांच को गिरफ्तार किया गया है। घटना का मुख्य आरोपित धीरेंद्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

भाजपा को घेरने में जुटे सपा, कांग्रेस व बसपा

फरार मुख्य आरोपित के सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी से जुड़ाव की बात सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भाजपा को घेरने में जुटे हैं। सपा नेता और पूर्व विधायक जय प्रकाश अंचल और कांग्रेस नेता सीबी मिश्रा ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की थी। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष को सफाई देनी पड़ी कि धीरेंद्र पार्टी में किसी पद पर नहीं है।

गौरतलब है कि रेवती क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में 15 अक्टूबर को कोटे की दुकान आवंटन को लेकर पुलिस के सामने की गई फायरिंग में जयप्रकाश उर्फ गामा पाल की मौत हो गई थी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश किया।

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