लखनऊ [पुलक त्रिपाठी]। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विवि (बीबीएयू) में एक नया मामला सामने आया है। यहां तैनात वित्त अधिकारी ने नियमों को ताक पर रख विवि में नियमित पाठ्यक्रम में दाखिला ले लिया। गंभीर बात यह रही कि उनके द्वारा एक साथ दो अन्य पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया गया था। मामला जानकारी में आने के बाद विवि ने उन्हें निलंबित कर दिया है।  

सूत्रों के अनुसार , विवि में वित्त अधिकारी रमाशंकर ने वर्ष 2016-17 में राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय से पीजी डिप्लोमा के तहत साइबर सिक्योरिटी पाठ्यक्रम में दाखिला लेकर पढ़ाई की। इसी दौरान वित्त अधिकारी रहते उन्होंने विश्वविद्यालय में ही पीएचडी में दाखिला लिया। वर्ष 2017-18 में विवि में ही एक अन्य डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लिया। इसके लिए उन्होंने विवि से अनुमति लेना मुनासिब नहीं समझा। 

यह भी आरोप : विवि प्रशासन ने वित्त अधिकारी को फील्ड वर्क के लिए छह महीने का अवकाश स्वीकृत किया था, जिसे उनके द्वारा स्वीकार नहीं किया गया और पद पर बने रहते हुए पढ़ाई जारी रखी। विवि प्रशासन ने कई अन्य मामलों के साथ ही विवि नियमावली का उल्लंघन मानते हुए भी वित्त अधिकारी के निलंबन की कार्रवाई की है। 

क्‍या कहते हैं पूर्व वित्त अधिकारी

पूर्व वित्त अधिकारी रमाशंकर का कहना है कि सरकार हर स्तर पर शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। मैंने कुछ गलत नहीं किया। विश्वविद्यालय से मैंने लिखित अनुमति मांगी थी। इस पर विवि का कोई जवाब नहीं आया। इसका मतलब विवि को कोई आपत्ति नहीं है। वैसे भी मैंने डिप्लोमा कोर्स कार्यालय कार्यकाल के बाद के समय में किया है। पीएचडी में दाखिले की जानकारी भी सभी को है। 

विशेषज्ञ बोले

लखनऊ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार एसके शुक्ला ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है और सेवा नियमावली के खिलाफ है। इसके लिए संबंधित अधिकारी को अपने संस्थान से लिखित अनुमति लेनी चाहिए थी। साथ ही अवकाश पर रहकर पढ़ाई करनी चाहिए। 

 

Posted By: Anurag Gupta