लखनऊ, जेएनएन। भाजपा ने करीब तीन दशक पहले अयोध्या के राम मंदिर आंदोलन के लिए जिस तरह ताकत लगाई, उसी तरह सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले आपसी सामंजस्य के लिए भी गांव-गांव तक संपर्क सेतु बना दिया। यह संगठन का ही संकल्प था कि बड़ी मुराद पूरी होने के बाद भी खुशी में किसी कार्यकर्ता ने न तो पटाखा जलाया और न ही कहीं जुलूस निकाला।

भाजपा, आरएसएस, विहिप और अनुषंगिक संगठनों ने अयोध्या के फैसले को लेकर अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए थे। आरएसएस ने वनवासी आश्रम के राष्ट्रीय अधिवेशन को स्थगित किया तो विश्व हिंदू परिषद ने त्रिशूल दीक्षा जैसे कार्यक्रम रोक दिए। शुक्रवार को जब यह तय हो गया कि शनिवार की सुबह फैसला आएगा तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं से संवाद शुरू कर दिया। सख्त हिदायत दी कि किसी की भावना के साथ खिलवाड़ न हो।

सुबह नौ बजते-बजते भाजपा की मीडिया टीम प्रदेश मुख्यालय पहुंच गई। मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित, प्रदेश प्रवक्ता समीर सिंह, डा. मनोज मिश्र, हीरो बाजपेयी, मनीष शुक्ल, तरुणकांत त्रिपाठी, राकेश त्रिपाठी, आलोक अवस्थी, नवीन श्रीवास्तव समेत कई प्रमुख नेता प्रदेश भर में शांति-सद्भाव का संदेश देने में जुट गए। भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल अपने कार्यालय से पूरे प्रदेश पर नजर जमाए थे। इधर, अपने आवास पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह टीवी पर नजर गड़ाए फैसले का इंतजार कर रहे थे। फैसला आया तो स्वतंत्र देव सीधे भाजपा मुख्यालय पहुंच गए। शाम को स्वतंत्र देव और बंसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गए और बेहतर कानून-व्यवस्था और शांति सद्भाव के लिए उन्हें बधाई दी।

शाम को दीप जले और पढ़ा हनुमान चालीसा

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह हिदायत थी कि खुशी जाहिर करने में किसी की भावना आहत न हो। इतना निर्देश जरूर था कि शाम को घर में दीप जलाकर अंधेरा दूर करें और हनुमान चालीसा पढ़कर शांति की कामना करें। शाम को आमजन के घरों में भी दीप जले तो लगा कि एक बार फिर से सब दिवाली मना रहे हैं।

 

Posted By: Umesh Tiwari

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप