अयाेध्या निवेश महाकुंभः विशेषज्ञाें की राय- दुनिया की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने के लिए निवेश आवश्यक
Ayodhya Nivesh Mahakumbh: आज 30 हजार रुपये में जो वस्तु खरीदेंगे वही पांच वर्ष बाद 40 हजार, 15 वर्ष बाद 60 और 20 वर्ष बाद 80 हजार रुपये में मिलेगी। इसी भांति महंगाई के कारण जिस वस्तु मूल्य वर्तमान में एक लाख रुपये है, वह 20 वर्ष बाद 35 हजार रुपये की रह जाती है।

निवेश महाकुंभ में उपस्थित लोगों को ग्राफ के जरिए जानकारी देते विशेषज्ञ धीरेंद्र पाठक: जागरण
जागरण संवाददाता, अयोध्या : डा. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्युचुअल फंड और दैनिक जागरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निवेश महाकुंभ ने लोगों को न सिर्फ इनवेस्टमेंट के प्रति सिर्फ जागरूक किया, बल्कि यह जानकारी भी मिली कि छोटी-छोटी पूंजी का निवेश कर कैसे बेहतर रिटर्न के माध्यम से भविष्य की आर्थिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
निवेश महाकुंभ में वक्ताओं ने लोगों को निवेश के लिए प्रेरित भी किया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रख्यात शास्त्रज्ञ व हनुमत निवास मंदिर के महंत स्वामी मिथिलेशनंदिनीशरण, आदित्य बिड़ला सन लाइफ के प्रबंध निदेशक और सीईओ ए. बालासुब्रमणियन, कंपनी के अधिकारी सिद्धार्थ दमानी एवं कामायनी नागर, निवेश विशेषज्ञ धीरेंद्र कुमार एवं धीरेंद्र पाठक ने दीप प्रज्वलित कर की। दैनिक जागरण के अनुत्तम सेन व रमाशरण अवस्थी ने अतिथियों का स्वागत किया। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहाकि प्रत्येक व्यक्ति को निवेश की बारीकियां जाननी चाहिए। भारत को दुनिया की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए निवेश करना आवश्यक है। भारत में भी वारेन बफेट हो सकते हैं, जिन्होंने निवेश में सफलता प्राप्त कर दुनिया के अमीर लोगों में अपनी पहचान बनाई। म्युचुअल फंड में निवेश करना इसलिए सुरक्षित इसलिए है कि इसमें फंड प्रबंधक गारंटीड आय सुनिश्चित करते हैं।
बदलती अयोध्या का प्रमाण
स्वामी मिथिलेशनंदिनीशरण ने कहाकि यहां निवेश महाकुंभ का आयोजन होना बदलती अयोध्या का प्रमाण है। उन्होंने कहाकि आशंका अज्ञान से उत्पन्न होती है और ज्ञान होने पर आशंका नहीं रहती। जितना समझ कर जिएंगे, उतना ही लाभ होगा। उन्होंने कहाकि निवेश प्रकृति के मौलिक निर्माण में उपस्थित है। शरीर में देवताओं का निवेश है। निवेश परस्परता का होना चाहिए। उन्होंने कहाकि भगवान राम वनवास से लौटे तो राजकोष में अत्यधिक संचित धन देख भरतजी से पूछा कि इतनी धनराशि कैसे एकत्र हुई तो भरतजी ने बताया कि यह 14 वर्ष में जनता से कर के रूप में ली गई धनराशि है। इस पर भगवान राम ने निर्देश दिया कि जो जरूरतमंद हों उन्हें निश्शुल्क वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएं। जनता का धन जनता को वापस मिलना चाहिए।
धन आए तो सबसे पहले निवेश करना चाहिए
निवेश विशेषज्ञ धीरेंद्र पाठक ने कहाकि प्रख्यात निवेशक वारेन बफेट कहते हैं कि धन आए तो सबसे पहले निवेश करना चाहिए फिर खर्च। तभी जीवन सुचारू रूप से चलता है। उन्होंने कहाकि साल दर साल कमाने की शक्ति घटती है। बहुत से लोग बैंक में धन संचित करते हैं, लेकिन क्रय शक्ति घटती रहती है। आज 30 हजार रुपये में जो वस्तु खरीदेंगे वही पांच वर्ष बाद 40 हजार, 15 वर्ष बाद 60 और 20 वर्ष बाद 80 हजार रुपये में मिलेगी। इसी भांति महंगाई के कारण जिस वस्तु मूल्य वर्तमान में एक लाख रुपये है, वह 20 वर्ष बाद 35 हजार रुपये की रह जाती है।
म्युचुअल फंड में निवेश कर प्रतिदिन यह जान सकते हैं कि धन कितना घट-बढ़ रहा है। उतार-चढ़ाव से डरना नहीं चाहिए। निवेश जारी रखना चाहिए। सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान के साथ-साथ सिस्टमेटिक विड्राल प्लान की जानकारी भी रखनी चाहिए। म्युचुअल फंड में प्रोफेशनल मैनेजमेंट होता है। कोई भी काम चुपके से नहीं होता। पैनल डिस्कशन में आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्युचुअल फंड के सिद्धार्थ दमानी, कामायनी नागर, प्रदीप शर्मा व वैल्यू रिसर्च के धीरेंद्र कुमार ने लोगों की जिज्ञासाओं को शांत किया। पैनल डिस्कशन का संचालन ललित शर्मा ने किया। कार्यक्रम का संचालन दिव्या दुबे ने किया।
कार्यक्रम में पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा, प्रो. विक्रमा प्रसाद पांडेय, अविवि के व्यवसाय प्रबंध एवं उद्यमिता विभाग के अध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, करुणाकर पांडेय, गिरीश पांडेय डिप्पुल, पानी संस्थान के अमित सिंह, परमानंद मिश्र, राजेंद्र प्रताप सिंह, मुकेश तिवारी, डा. अजय गुप्ता, नगर निगम के पीआरओ मुकेश पांडेय, डा. राजेश सिंह, रत्ना जायसवाल, रीना द्विवेदी, पवन तिवारी, शिवांशु तिवारी, प्रियांशु, डा. कपिलदेव चौरसिया, डा. अंशुमान पाठक, डा. अनुराग तिवारी, डा. रवींद्र भारद्वाज, डा. संजीत पांडेय, डा. पवन, डा. रामजी सिंह, डा. सूरज सिंह समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं प्रबंधन विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
देवप्रसाद ने बांधा समां
निवेश महाकुंभ में स्वामी विवेकानंद सभागार परिसर में प्रसिद्ध संगीतज्ञ पं. देवप्रसाद पांडेय ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उन्हें सुनने के लिए श्रोताओं की उत्सुकता भी देखने को मिली। उनके साथ तबले पर सुबोध कुमार झा, सिंथेसाइजर पर रघुपति त्रिपाठी ने संगत की। उनके सहयोगी कलाकार मनीष ने भी प्रस्तुतियां दीं।

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