लखनऊ (जेएनएन)। 30 जुलाई को राजभवन के सामने लूट और गार्ड की गोली मारकर हत्या रायबरेली के बदमाश ने की थी। शनिवार रात ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। माना जा रहा है कि रविवार को उसकी गिरफ्तारी की बात सार्वजनिक की जाएगी।  इससे पहले ही दिन में पुलिस ने कृष्णानगर के भोला खेड़ा स्थित न्यू इंद्रपुरी में दबिश दी थी, लेकिन बदमाश वहां से भाग निकला। फुटेज देखकर आरोपित की मां और बहन ने उसकी शिनाख्त की थी। पुलिस ने घर से लूट में इस्तेमाल बाइक, बैग, पिस्टल की मैगजीन और आरोपित के जूते बरामद किए हैं। एडीजी राजीव कृष्णा के मुताबिक आरोपित की तलाश चल रही थी। शिनाख्त होते ही उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

मां और बहन से लंबी पूछताछ

एडीजी जोन राजीव कृष्णा, आइजी रेंज सुजीत कुमार पांडेय व एसएसपी कलानिधि नैथानी समेत अन्य पुलिस अफसरों ने लुटेरे के घर पर पहुंचकर पड़ताल की। उसकी मां और बहन से लंबी पूछताछ की। एसएसपी के मुताबिक लुटेरा विनीत तिवारी मूलरूप से रायबरेली के नगदीपुर अमरनगर का निवासी है। वह रायबरेली कोतवाली में हत्या के मामले में वांछित है। उसके खिलाफ गुरुबख्शगंज थाने में भी युवती के अपहरण की एफआइआर दर्ज है।

पुलिस टीमों की ताबड़तोड़ दबिश 

सूत्रों के मुताबिक उसे पुलिस के पहुंचने की भनक लग गई थी। ऐसे में वह अपने बहनोई की बाइक से पत्नी और बच्चे संग भाग निकला। लुटेरे की तलाश में रायबरेली समेत अन्य स्थानों पर पुलिस टीमें ताबड़तोड़ दबिश में जुटी हैं, पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्द ही लुटेरे को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

 

फुटेज से जूते, बाइक मैच हुए

एसएसपी ने बताया कि लूट की घटना के दिन मिली फुटेज से लुटेरे के जूते और बाइक का भी मिलान हो गया है। लुटेरे की गिरफ्तारी के लिए आसपास के सभी अलग-अलग जिलों में टीमों को लगाया गया है। साथी ही संबंधित जिलों के कप्तानों को भी अलर्ट कर दिया गया है।

डीजीपी कार्यालय में आए ई-मेल से मिला सुराग

सोशल मीडिया पर आरोपित विनय उर्फ विनीत की फोटो और वीडियो वायरल होने से पुलिस को काफी मदद मिली। एडीजी जोन राजीव कृष्णा के मुताबिक डीजीपी ऑफिस में कृष्णानगर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने ई-मेल किया था। इसमें आरोपित के बारे में जानकारी दी गई थी। मेल करने वाले ने फुटेज व अखबार में फोटो देखकर हुलिया के आधार पर पुलिस को सूचना दी थी।

एडीजी का कहना है कि कुल 12 संदिग्धों के मोबाइल नंबर रडार पर थे, जिनमें से एक विनय का भी था। ई-मेल आने पर पुलिस टीम को इसकी पुष्टि करने के लिए भेजा गया। सादी वर्दी में पुलिस अधिकारी न्यू इंद्रपुरी पहुंचे और छानबीन शुरू की। आरोपित किस मकान में रहता है, इसकी सटीक जानकारी पुलिस के पास नहीं थी, इस कारण घर पर दबिश देने में विलंब हुआ।

पड़ताल के दौरान मुखबिर की मदद से पुलिस ने 254/20 न्यू इंद्रपुरी में छापेमारी की, जिसके बाद पूरी कहानी उजागर हो गई। बरामद बाइक दिलीप तिवारी के नाम से है। विनय की मां ने बताया कि उसके बेटे दिलीप की 28 नवंबर 2016 को डेंगू से मौत हो गई थी। पुलिस आरोपित के बड़े भाई संतोष के बारे में भी पता लगा रही है। जो दूध वाहन चलाता है।


हटा दी थी नंबर प्लेट :
आरोपित ने बाइक के पीछे लगी नंबर प्लेट खोल दी थी। वहीं आगे वाली नंबर प्लेट भी बदल दी थी। विनय ने घटना के समय जिस नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था वह एक स्कूटी की थी, जो लालकुआं के एक युवक की निकली। हालांकि अभी तक बदली गई नंबर प्लेट नहीं बरामद हो सकी है।

चश्मदीद प्रभात की जांबाजी को सलाम:
अनौरा कला चिनहट निवासी जिस चश्मदीद प्रभात कुमार पांडेय ने कैश वैन लुटेरे से भिड़कर उसकी पिस्टल छीन ली थी। प्रभात वारदात के बाद से लुटेरे को चिह्न्ति करने का दावा कर रहे थे, शनिवार को वह पुलिस के साथ लुटेरे के घर पहुंचे और फोटो देखते ही कहा यही है लुटेरा। तीस जुलाई को वारदात के समय पौने चार बजे के करीब प्रभात राजभवन के पास से गुजर रहे थे, तभी गोलियों की आवाज सुनकर गाड़ी सड़क किनारे खड़ी कर बाहर निकले।

एक बदमाश पिस्टल लेकर भाग रहा था, प्रभात को पीछे से दौड़े और बदमाश के कोहनी मारकर नाइन एमएम की पिस्टल सड़क पर गिरा दी। बदमाश को जैसे ही दबोचने चले उसने 315 बोर का तमंचा प्रभात पर तान दिया। तमंचा देखकर प्रभात के कदम थम गए और बदमाश पिस्टल छोड़ बाइक लेकर भाग निकला। प्रभात ने पिस्टल कपड़े में लपेटकर मौके पर पहुंचे आइजी सुजीत कुमार पांडेय को दे दी और बदमाश का हुलिया भी बताया।

घर में नहीं मिले रुपये:
पुलिस ने आरोपित के दो कमरों को पूरी तरह से खंगाल डाला, लेकिन नकदी नहीं मिली। कमरे से विनीत की मार्कशीट मिली है। सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्र के मुताबिक आरोपित ने मार्कशीट में पिता का नाम सरोज की जगह सरोद लिखवाया है। इस दिशा में भी जांच की जाएगी।

मोमोज बेचता था हत्यारोपित :
सनसनीखेज वारदात का आरोपित कभी-कभी नहरिया तो कभी मानकनगर स्टेशन पर ठेला लगाकर मोमोज बेचता था। एएसपी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि विनय के बहनोई के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


ये था पूरा मामला:

विशेषखंड गोमतीनगर स्थित एसआइपीएल (सिक्योरिटांस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी से सीतापुर के संदना स्थित मिर्जापुर गांव निवासी कैश वैन का गनर इंद्रमोहन, ड्राइवर दुर्विजयगंज थाना नाका निवासी रामसेवक, कस्टोडियन मलिहाबाद के महमदपुर गांव निवासी उमेश चंद्र बीते सोमवार करीब पौने चार बजे राजभवन के बाहर कानून मंत्री बृजेश पाठक के घर के पास गाड़ी खड़ी की। कस्टोडियन एक्सिस बैंक में 44 लाख रुपये जमा करने गया था। इसी बीच सफेद रंग की टीवीएस स्पोर्ट्स बाइक खड़ी करके एक बदमाश कैश वैन के पास पहुंचा।

उसने ड्राइवर के बगल में बैठे गनर से पता पूछने के बहाने शीशा डाउन कराया और उसे दो गोली मार दी, जिससे गनर की मौके पर ही मौत हो गई। इसी बीच कस्टोडियन कैश वैन के पास पहुंचा। ड्राइवर चिल्लाया और 24 लाख रुपये से भरा बैग लेकर भागने लगा। बदमाश ने कैश वैन में पीछे की सीट पर रखे 6.44 लाख रुपये से भरा बैग उठाया और दौड़ाकर पहले कस्टोडियन फिर ड्राइवर को गोली मार दी। इस बीच ड्राइवर किसी तरह 24 लाख रुपयों से भरा बैग लेकर बैंक में घुस गया। इस पर कस्टोडियन से बदमाश ने एक बैग छीन लिया। इसके बाद असलहा लहराते हुए बदमाश बाइक से अकेला ही भाग निकला था।

Posted By: Nawal Mishra

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