चार पैरों वाले रोबोट का देखा सपना, युवा अविनाश भास्कर ने बना डाली 100 करोड़ की कंपनी
अविनाश भास्कर ने क्वाड्रपेड रोबोटिक्स के क्षेत्र में तीन साल में 100 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी की है। उनके ...और पढ़ें

HighLights
अविनाश भास्कर ने तीन साल में 100 करोड़ की कंपनी बनाई।
उनके क्वाड्रपेड रोबोट इसरो, डीआरडीओ, आईआईटी में इस्तेमाल हो रहे।
बीबीडी से बीटेक, एकेटीयू से एमटेक, आईआईटी कानपुर में शोध।
अखिल सक्सेना, लखनऊ। सपने देखने वाले तो बहुत होते हैं, लेकिन उसे पूरा करने के लिए वर्षों तक मेहनत, सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति रखने वाले कुछ एक ही हैं। एकेटीयू के सेंटर फार एडवांस स्टडीज के पूर्व छात्र अविनाश भास्कर उनमें से एक हैं, जिन्होंने रोबोटिक्स के क्षेत्र में कुछ नया करने के जुनून के साथ शुरुआत की और मात्र तीन साल में करीब 100 करोड़ रुपये की कंपनी खड़ी कर दी है।
भारत में क्वाड्रपेड यानी चार पैरों वाले रोबोट पर काम न होने पर उन्होंने इसी क्षेत्र में को लक्ष्य बनाया।आज उनकी कंपनी के बनाए रोबोट आइआइटी संस्थानों से लेकर इसरो और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं की प्रयोगशालाओं में उपयोग किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर अविनाश भास्कर ने दैनिक जागरण से अपनी सफलता साझा की।
कंपनी के को-काउंडर एवं सीटीओ (हार्डवेयर) अविनाश ने वर्ष 2017 में बीबीडी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि रोबोटिक्स की ओर बढ़ी।
अविनाश बताते हैं, उस समय भारत में क्वाड्रपेड रोबोटिक्स यानी चार पैरों वाले रोबोट पर बहुत कम काम हो रहा था। इसी कमी को उन्होंने अवसर के रूप में देखा और तय किया कि इसी क्षेत्र में आगे काम करना है। उन्होंने एकेटीयू के सेंटर फार एडवांस्ड स्टडीज (कैस) से वर्ष 2019 से 2021 तक मेकाट्रानिक्स में एम.टेक किया।
अविनाश को राबर्ट बाश साइबर-फिजिकल सिस्टम्स लैब, आइआइएससी बेंगलुरु में काम करने का अवसर मिला। करीब आठ महीने के इस अनुभव के सहारे उन्होंने नए रोबोट तैयार किए और तकनीक की बारीकियों को करीब से समझा।
वह बताते हैं कि आइआइटी कानपुर में पीएच.डी में प्रवेश लिया। यहां प्रो. शक्ति गुप्ता के साथ वर्ष 2023 में स्टार्टअप के साथ एक्सटेरा रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड की शुरुआत की।
कई उत्पाद विकसित किए
अविनाश की कंपनी में सिर्फ पांच लोगों की टीम थी और संसाधन सीमित थे, लेकिन लक्ष्य बड़ा था। लगातार मेहनत के बाद कंपनी को व्यावसायिक रूप से उन्होंने आगे बढ़ाया।
रोबोटिक्स के क्षेत्र में कई उत्पाद विकसित किए, जिनमें स्वान एम-2 रोबोट, एक्चुएटर और रोबोटिक्स आर्म प्रमुख हैं। इन रोबोट का इस्तेमाल डिफेंस क्षेत्र में सर्विलांस और मानिटरिंग के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में इंस्पेक्शन के लिए किया जाता है।
कंपनी का फोकस डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग पर है, जिससे भारत में ही अत्याधुनिक रोबोटिक्स तकनीक विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। आज टीम में 28 लोग शामिल हैं। अविनाश के मुताबिक, यह उपलब्धि केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत और सहयोग का परिणाम है।
