लखनऊ, जागरण टीम। आदमी कितने थे और कितने रुपयों की व्यवस्था तुम लोग कर दोगे ...साहब उई तो 50 हजार रुपये कहिन रहा... नहीं इतने नहीं अच्छा तुम लोग बताओ कितने रुपये की व्यवस्था कर दोगे... साहब जेत्ते कम से कम म होइ जाए। अरे...(अपशब्द) हो का यहां हम बैठे हैं। खुल के बात करो। तीन आदमी हैं तो 15 हजार रुपये ले आओ नहीं तो मुकदमा दर्ज कर दूंगा और पीटुंगा अलग से। यह आडियो बुधवार दोपहर इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ। आडियो बंथरा थाने से संबद्ध एक चौकी इंचार्ज का बताया जा रहा है। जो जुआरियों पर कार्रवाई न करने के लिए एक दलाल के माध्यम से 15 हजार रुपये की घूस मांग रहे हैं। आडियो में दलाल और दारोगा की बातचीत जब वायरल हुई। मामला

जानकारी होने पर डीसीपी सेंट्रल डा. ख्याति गर्ग ने चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया। मामले की जांच एडीसीपी सेंट्रल राजेश श्रीवास्तव को सौंपी है। वायरल आडियो बंथरा के तीन नंबर हल्का प्रभारी रहे राजेश कुमार मिश्रा (वर्तमान चौकी प्रभारी हरौनी) का बताया जा रहा है। बंथरा पुलिस के मुताबिक आडियो में चमका समेत एक अन्य अपराधी के माध्यम से जो बात की जा रही है। वह हलका नंबर तीन के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक बंथरा पुलिस ने जुआरियों को पकड़ा था। जिसमें तीन जुआरियों पर कार्यवाही न करने के लिए दारोगा राजेश कुमार मिश्रा ने एक दलाल के माध्यम से 15 हजार रुपये घूस की मांग की है। इसमें अंंत में दारोगा द्वारा कहा गया कि अगर 15 हजार रुपये लेकर नहीं आए तो मुकदमा भी दर्ज होगा और थाने में पीटाई भी होगी।

इंस्पेक्टर बंथरा जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आडियो उनकी पोस्टिंग के पहले का है। डीसीपी सेंट्रल ने बताया कि आडियो के आधार पर चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले आडियो समेत पूरे प्रकरण की जांच एडीसीपी सेंट्रल को सौंपी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

रुपयों की डिमांड नहीं की समझौते को लेकर हुई थी बातचीत : मामले में चौकी प्रभारी हरौनी राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उस समय वह हल्का नंबर तीन का इंचार्ज था। आडियो करीब आठ से 10 माह पुराना है। मवई और लोहना गांव के लड़कों के बीच झगड़ा हुआ था। एक पक्ष ने लूट का आरोप लगाया था, लेकिन दोनों पक्षों में बाद में समझौते की बात हुई। वही पक्ष 50 हजार रुपये की डिमांड कर रहा था। इसलिए समझौते को लेकर बातचीत हुई थी। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा रुपयों की कोई मांग नहीं की गई।

Edited By: Anurag Gupta