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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी में गहराती जा रही घुसपैठियों की जड़, 5 रोहिंग्या की ATS को है तलाश; विदेशी फंडिंग की भी हो रही जांच

Published: Thu, 01 Feb 2024 08:44 PM (IST)

देवबंद में बांंग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों की पैठ गहराती जा रही है। एटीएस की जांच में विदेशी फंडिंग से घुसपैठियों ...और पढ़ें

यूपी में गहराती जा रही घुसपैठियों की जड़, 5 रोहिंग्या की ATS को है तलाश
यूपी में गहराती जा रही घुसपैठियों की जड़, 5 रोहिंग्या की ATS को है तलाश

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। देवबंद (सहारनपुर) में बांंग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों की पैठ गहराती जा रही है। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की जांच में विदेशी फंडिंग से घुसपैठियों की मदद कर रहे सिंडीकेट का भी गहरा कनेक्शन सामने आ रहा है।

कानपुर से पकड़े गए गिरोह के सक्रिय सदस्य बांग्लादेश निवासी मोहम्मद राशिद अहमद ने शुरुआती पूछताछ में पांच अन्य बांग्लादेशियों को फर्जी दस्तावेजों की मदद से पहचान बदलकर देवबंद में ठिकाना दिलाने की बात स्वीकार की है।

रिमांड पर लेकर एटीएस करेगी पूछताछ

एटीएस की विशेष कोर्ट ने राशिद की दस दिनों की पुलिस रिमांड स्वीकृत की है। उसे रिमांड पर लेकर नए सिरे से पूछताछ शुरू की गई है। एटीएस की एक टीम जल्द उसे देवबंद ले जाकर दूसरे घुसपैठियों को चिन्हित करने का प्रयास करेगी।

आशंका है कि राशिद ने कई अन्य बांग्लादेशियों व रोहिंग्या को भी देवबंद में ठिकाना दिलाया है। पूर्व में पकड़े जा चुके आरोपित बांग्लादेश निवासी आदिलुर्रहमान को भी फर्जी दस्तावेज राशिद ने ही उपलब्ध कराए थे। एटीएस विदेशी फंडिंग से देवबंद में घुसपैठियों को पहुंचाई जा रही रकम को लेकर भी छानबीन कर रहा है।

एटीएस ने विदेशी फंडिंग के मास्टरमाइंड एनजीओ संचालक अबू सालेह को बीते दिनों लखनऊ से पकड़ा था। उससे पूछताछ में विदेशी फंडिंग की रकम हवाला के माध्यम से देवबंद भेजे जाने की बात सामने आई थी।

घुसपैठियों की मदद के लिए मिल रही विदेशी फंडिंग

एटीएस ने 11 अक्टूबर, 2023 को बांग्लादेश निवासी आदिलुर्रहमान के अलावा बंगाल निवासी नजीबुल शेख व अबु गाजी को गिरफ्तार किया था। जिनसे पूछताछ में घुसपैठियों की मदद के लिए विदेशी फंडिंग की जानकारी भी सामने आई थी। अबू सालेह का भी देवबंद कनेक्शन सामने आया था।

सूत्रों का कहना है कि घुसपैठियों को पहचान बदलकर कुछ मदरसों में भी दाखिल कराया गया है। इन्हें लेकर छानबीन तेज की गई है। राशिद व उसके कुछ करीबियों के बैंक खातों भी पड़ताल की जा रही है। एडीजी एटीएस माेहित अग्रवाल का कहना है कि कई अन्य घुसपैठियों के बारे में सूचनाएं सामने आई हैं, जिन्हें लेकर पड़ताल की जा रही है।

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