लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। कोरोना संक्रमण काल में भी देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बने रोहिंग्या की घुसपैठ कराने वाले गिरोह सक्रिय हैं। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने उत्तर प्रदेश में ऐसे ही गिरोह के सक्रिय सदस्य दो रोहिंग्या को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। एटीएस ने गाजियाबाद से रोहिंग्या म्यामार निवासी नूर आलम व आमिर हुसैन को गिरफ्तार किया है।

आइजी एटीएस जीके गोस्वामी ने बताया कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिये देश में रह रहे रोहिंग्या अजीजुल्ला व उसके साथियों को बीती छह जनवरी को पकड़ा गया था। तब रोहिंग्या को ठेके पर सीमा पार कराकर यहां अवैध दस्तावेजों के जरिये विभिन्न जिलों में भातरीय नागरिक के रूप में बसाने का बड़ा नेटवर्क सामने आया था। इस खेल में अजीजुज्ला के बहनोई नूर आलम व कुछ अन्य सक्रिय सदस्यों की तलाश चल रही थी।

एटीएस को रोहिंग्या को भारत लाने के इस गिरोह के मास्टरमाइंड व अजीजुल्ला के बहनोई नूर आलम की गिरफ्तारी के बाद कई और नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। गिरफ्त में आए नूर आलम व रोहिंग्या आमिर हुसैन को न्यायालय के समक्ष के प्रस्तुत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आमिर हुसैन भी रोहिंग्या है, जो बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से भारत आया था।

नूर आलम ने आमिर हुसैन को यह भरोसा दिलाया था कि वह उसके कूट रचित भारतीय प्रपत्र बनवा देगा। एटीएस ने उनके पास से यूनाइटेड नेशन का कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड व मोबाइल फोन के अलावा 65,860 रुपये बरामद किए हैं। एटीएस के मुताबिक नूर आलम मेरठ और आमिर दिल्ली में निवास कर रहे थे। एटीएस दोनों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर नए सिरे से पूछताछ भी करेगी।

Edited By: Umesh Tiwari