जेएनएन, लखनऊ। पसीना छुड़ा रही चिपचिपी गर्मी से रविवार शाम हुई बारिश और बूंदाबांदी के कारण राहत महसूस की गई। बारिश के दौरान वज्रपात से प्रदेश में 36 लोगों की जान चली गई जबकि कई लोग झुलस गए। बुंदेलखंड क्षेत्र में लाइन स्क्वॉल के रूप में क्रमबद्ध तरीके गिरी बिजली ने कहर बरपाया।

राजधानी लखनऊ के आसपास के जिलों में बादलों के बीच दिनभर तेज धूप खिली। कहीं-कहीं बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। इस दौरान वज्रपात से से रायबरेली में दो लोगों की मौत हो गई और पांच झुलस गए। आंबेडकरनगर, सुलतानपुर और गोंडा में दोपहर बाद बादल छा गए। कुछ देर बाद हल्की बारिश शुरू हो गई। सीतापुर में रविवार को हुई बारिश से बड़ी राहत मिली। बलरामपुर में बादल छा गए। हवा चली।

कानपुर क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद हुई बारिश के दौरान वज्रपात से घाटमपुर में सात, फतेहपुर में आठ, जालौन में चार, हमीरपुर में तीन, बांदा, चित्रकूट, सरवनखेड़ा (कानपुर देहात) में तीन लोगों की मौत हो गई। बांदा सर्वाधिक गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा।

वाराणसी में बलिया के सहतवार थाना क्षेत्र के कुसहर गांव के पास रविवार की दोपहर वज्रपात की चपेट में आने से बुद्धिरामपुर के चौबेपुर पुरवा में एक व्यक्ति की मौत हो गई। एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। इसी जिले के बैरिया क्षेत्र के सुरेमनपुर इलाके में वज्रपात से युवक की मौत हो गई। इसके अलावा वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र में एक महिला की मौत वज्रपात के कारण हुई।

पश्चिमी उप्र के मेरठ समेत विभिन्न जिलों में रविवार शाम बारिश और बूंदाबांदी हुई। हालांकि पूरे दिन बादल छाये रहे पर कहीं-कहीं खिली धूप के कारण उमस ने परेशान किया। झांसी में बिजली गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई और 10 लोग झुलस गए। प्रतापगढ़ के जलालपुर में बिजली की चपेट में आने से कक्षा सात का छात्र की मौत हो गई।

दैवीय आपदा में मरने वालों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जिलों में वज्रपात से कई लोगों की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इन आपदाओं में दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को दैवीय आपदा में दिवंगत लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि और घायलों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री बीमा योजना के पात्र किसानों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे।

 ताप और नमी ने बढ़ाया कहर का दायरा

लाइन स्क्वॉल यानी मौसम में बदलाव की घटना एक लाइन में होती है। रविवार को बुंदेलखंड क्षेत्र में अधिक तापमान था। ऐसे में कम दबाव का क्षेत्र बना। गर्मी और नमी ने बादल बनाए और उनके टकराने से बिजली गिरी। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के मौसम विज्ञानी जेपी गुप्ता ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र एक लाइन में बना। इसीलिए बादल बनने का बदलाव भी एक ही लाइन में हुआ। इसे लाइन स्क्वॉल कहते हैं। घने बादल होने और उनके टकराने के कारण बिजली गिरती चली गई। ऐसे में बुंदेलखंड और आसपास का इलाका सबसे अधिक प्रभावित हुआ।

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Posted By: Sanjeev Tiwari