मीरजापुर (जेेएनएन)। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सिंचाई ( यांत्रिक) धर्मपाल सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा बुंदेलखंड और विंध्याचल मंडल क्षेत्र में 5.50 करोड़ की लागत से कृत्रिम बरसात की व्यवस्था की जाएगी। विंध्याचल और बुंदेलखंड क्षेत्र काफी शुष्क क्षेत्र होने के कारण सरकार की प्राथमिकता पर है और किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसलिए नई तकनीकी के द्वारा कानपूर आइआइटी, यांत्रिक विभाग और वैज्ञानिको के बनाये गए तकनीक से कृत्रिम बरसात किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि जिले में बाढ़ सागर परियोजना पूरी हो चुकी है। अब मीरजापुर जिले को पानी की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस बाणसागर परियोजना से मीरजापुर और इलाहाबाद जिले को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। इसके अलावा प्रदेश के महोबा जिले में पानी की बहुत बड़ी समस्या थी। वहां लोग टैंकरों से पानी लेकर इस्तेमाल करते थे। सरकार ने महोबा की पानी की समस्या को समाप्त कर दिया है। मंत्री ने बताया कि पर ड्रॉप मोर ग्राफ पद्धति थोड़ी महंगी है।

इसे सामान्य किसान प्रयोग नहीं कर सकते लेकिन यह पद्धति किसानों के लिए काफी लाभदायक है । सीमांत एवं लघु सीमांत योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के सभी बड़े किसानों को 80% का अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 35 हजार राजकीय नलकूप हैं और सरकार की तरफ से मंडल में एक नलकूप मॉडल के रूप में फ्री में दिया जाएगा जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो और आत्महत्या न करनी पड़े। देश की योगी-मोदी सरकार और प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों के हित में अत्यंत लाभकारी योजनाएं निकाली हैं।

जल प्रबंधन समिति का होगा चुनाव

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि योगी सरकार किसानों के लिए जल प्रबंधन समिति का चुनाव दिसंबर 2018 तक कराएगी। जिसके तहत तीन समितियां जिसमें पहला रजवा समिति, दूसरा कुलाबा समिति और तीसरा अल्पिका समिति का चुनाव होगा जिसमें मतदाता सूची तैयार कर ली गई है। इसमें वही मतदाता होंगे जो नहरों से सिंचाई करते हैं और इस चुनाव को डीएम और एसएसपी कराएंगे जिसमें सिंचाई विभाग भी रहेगा । 

Posted By: Ashish Mishra