लखनऊ, जागरण संवाददाता। चलती ट्रेन को अपनी सुविधा के लिए रोकने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ रेलवे सख्त हो गया है। अब रेलवे एक्ट से जुर्माना लगाने की जगह अलार्म चेन खींचने वालों की गिरफ्तारी अधिक हो रही है। इसके चलते सख्ती से कार्रवाई करने के लिए रेलवे अब उनकी गिरफ्तारी कर रहा है। पिछले आठ महीने में उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में अलार्म चेन खींचकर ट्रेनें रोकने के मामले में 474 लोग धरे गए। इनमें से 46 लोगों से रेलवे एक्ट के तहत जुर्माना लेकर उनको छोड़ दिया गया। जबकि 428 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इनसे रेलवे को 4.28 लाख रुपये की आय जुर्माना के रूप में हुई है।

दरअसल उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में लखनऊ फैजाबाद, लखनऊ रायबरेली, और लखनऊ उन्नाव रूट पर चेन पुलिंग सबसे ज्‍यादा होती है। रेलवे सुरक्षा बल की एस्कॉर्ट टीमों को इन रूटों की सभी ट्रेनों में तैनात किया गया है। एस्कॉर्ट की तत्परता की वजह से लखनऊ से तीन विभिन्न रूटों पर दौड़ने वाली ट्रेनों का चेन खींचकर ब्रेक लगाने वाले कई यात्रियों को पकड़ा जा रहा है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगतोष शुक्ल ने बताया कि ट्रेनों की चेन खींचने पर वह 15 से 20 मिनट तक लेट हो जाती हैं। इलेक्ट्रिक इंजन की बिजली और डीजल इंजन का ईंधन बर्बाद होता है। यात्रियों को भी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इसे लेकर रेलवे सुरक्षा बल को अलर्ट किया गया है। वह रेल सेक्शन चिन्हित हुए हैं जिस पर चेन खींचने की सबसे अधिक घटनाएं होती हैं। आरपीएफ की सख्ती के चलते आठ महीने में 428 लोगों को चेन खींचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पिछले तीन महीनों में चेन खींचने की औसतन घटनाओं में कमी देखी गई है। अब अगले दो महीने त्योहारों वाले हैं। इसे लेकर रेलवे सुरक्षा बल को पहले से और अलर्ट किया गया है।

 

Edited By: Rafiya Naz