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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UP News: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के युवकों में घोला जा रहा जेहाद का जहर, गिरफ्तार 8 आतंकियों से खुली साजिश

By Jagran NewsEdited By: Umesh Tiwari
Published: Mon, 10 Oct 2022 10:34 PM (IST)

Terrorists Arrested In UP एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि अलकायदा बर्र-ए-सगीर तथा जेएमबी पिछले कुछ वर्षों से ...और पढ़ें

Terrorists Arrested In UP: अलकायदा व जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश के आठ आतंकी गिरफ्तार।
Terrorists Arrested In UP: अलकायदा व जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश के आठ आतंकी गिरफ्तार।

UP News: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में आतंक की गहराती जड़ों की छानबीन में जुटे आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एटीएस ने आतंकी संगठन अलकायदा के इंडियन सब कांटीनेंट माड्यूल अलकायदा बर्र-ए-सगीर तथा उसके सहयोगी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़े आठ आतंकियों को गिरफ्तार किया है।

बीते चार-पांच दिनों में अलग-अलग स्थानों से पकड़े गए सात आतंकियों को एटीएस पुलिस रिमांड पर लेकर नए सिरे से पूछताछ कर रही है। इनके हरिद्वार (उत्तराखंड) से भी गहरे कनेक्शन सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के युवाओं में जेहाद का जहर घोलने के साथ ही आतंकी घटनाओं के लिए फंड जुटाने की गतिविधियां तेजी से चल रही थीं। इनसे पूछताछ में कई और बड़े राज सामने आएंगे।

नेटवर्क का विस्तार करने का प्रयास

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि अलकायदा बर्र-ए-सगीर तथा जेएमबी पिछले कुछ वर्षों से भारत व बांग्लादेश में गजवा-ए-हिंद के उद्देश्य से अपने नेटवर्क का विस्तार करने का प्रयास कर रहे हैं। संगठन से जुड़े लोगों ने भारत में घुसपैठ कर सबसे पहले पश्चिम बंगाल व असोम में कट्टरपंथी विचारधारा के युवकों को उकसाकर अपने साथ जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश व उत्तराखंड तक अपना नेटवर्क बढ़ा चुके हैं।

पुलिस रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ

एडीजी के अनुसार सहारनपुर से सबसे पहले 26 सितंबर को आरोपित मदरसा संचालक लुकमान को पकड़ा गया था, जिसके बाद गहन छानबीन के आधार पर पांच व छह अक्टूबर को सात और आतंकी शामली निवासी शहजाद, सहारनपुर निवासी कारी मुख्तार व मु.अलीम, हरिद्वार निवासी मुदस्सिर व कामिल, बांग्लादेशी नागरिक अलीनूर व झारखंड के गिरिडीह निवासी नवाजिश अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। अब पांच व छह अक्टूबर को पकड़े गए सात आरोपितों को पुलिस रिमांड पर लेकर और राज उगलवाए जा रहे हैं।

मदरसे में दी गई थी शरण

सहारनपुर के सैय्यद मजरा निवासी लुकमान से पूछताछ में सामने आया कि वह बांग्लादेशी आतंकी अहसान व मुफक्किर के संपर्क में आया था और उसने दोनों को सैय्यद मजरा स्थित अपने मदरसे दारे अकरम में ठहराया था। इसके अलावा अलकायदा बर्र-ए-सगीर तथा जेएमबी के सक्रिय आतंकी अब्दुल्ला तल्हा उर्फ मफ्ती हुसैन को 11 माह तक अपने मदरसे में शरण दी थी और मदरसा शिक्षक के रूप में उसे फंडिंग भी की थी। अब्दुल्ला सहारनपुर में मुफ्ती हुसैन के नाम से जाना जाता था और उसे हरिद्वार में मासूम के नाम जाना जाता था। एनआइए व एटीएस समेत अन्य एजेेंसियां उसकी तलाश कर रही हैं। आरोपित शहजाद सितंबर, 2021 में शामली बमकांड के मामले में पकड़ा गया था।

आतंकी गतिविधियों के लिए दिए थे 80 हजार

एडीजी ने बताया कि हरिद्वार निवासी मुदस्सिर को कामिल व अलीनूर के साथ नेपाल सीमा पर रूपैडीहा से गिरफ्तार किया गया। मुदस्सिर ने बांग्लादेशी आतंकी अलीनूर व अब्दुल्ला तल्हा को हरिद्वार के सलेमपुर में शरण दिलाई थी। तल्हा ने मुदस्सिर को आतंकी गतिविधियों के लिए 80 हजार रुपये दिए थे। कामिल भी हरिद्वार के सलेमपुर में रह रहा था और उसी ने अलीनूर व तल्हा को सलेमपुर में किराये का मकान दिलाया था। तल्हा ने टेरर फंडिंग के लिए कामिल के खाते में 25 हजार रुपये भी मंगवाए थे। बांग्लादेशी अलीनूर यहां नाम बदलकर जहांगीर मंडल व इनामुल हक बन गया था। वह पहले अपने अन्य आतंकी साथियों के साथ असोम में शिक्षक बनकर रहा था। फिर हरिद्वार में तल्हा व कामिल के साथ छिपकर रह रहा था।

सहारनपुर में गहरी कर रहे थे जड़े

एटीएस ने झारखंड के निवासी नवाजिश अंसारी को सहारनपुर से पकड़ा है। वह भोपाल में गिरफ्तार किए जा चुके आतंकी अकील शेख का करीबी रहा है। अलीम को भी सहारनपुर से पकड़ा गया है। अलीम बांग्लादेशी आतंकी एहसान का करीबी है और उसने ही एहसान की मुलाकात लुकमान, शहजाद व कारी मुख्तार से कराई थी। पकड़े गए आतंकी कुछ खास मोबाइल एप के जरिए एक-दूसरे से जुड़े हुए थे और इनके जरिए ही युवाओं को जेहाद के लिए उकसाया जाता था। आरोपित जकात व अन्य धार्मिक कार्यों के नाम पर फंड जुटाने का काम भी करते थे।

भोपाल में दबोचे आरोपितों से मिली थीं जानकारियां

एटीएस अधिकारियों के अनुसार एनआइए ने भोपाल में 14 मार्च, 2022 को बांग्लादेशी आतंकी एहसान को पकड़ा था, जिसका वास्तविक नाम ओली उल्लाह है। वह भारत में कई नामों से पहचान बदलकर रहा और उसने ही पकड़े गए लुकमान, शहजाद, अलीम व कारी मुख्तार को आतंकी ट्रेनिंग दी थी। इसके अलावा भोपाल में ही पकड़े गए आतंकी मुफक्किर व अकील अहमद शेख से पूछताछ में उत्तर प्रदेश व हरिद्वार में सक्रिय आतंकियों के बारे में जानकारियां मिली थीं।