लखनऊ [अजय श्रीवास्तव]। यूपीपीसीएल (उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड) में हुए कर्मचारियों के पीएफ घोटाले में अब एपी मिश्र की संपत्तियों का पता किया जा रहा है। कॉरपोरेशन में प्रबंध निदेशक समेत महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे अयोध्या प्रसाद मिश्र (एपी मिश्र) समेत पत्नी और बच्चों की संपत्तियों का पता विजिलेंस टीम (सतर्कता अधिष्ठान) कर रही है। आय से अधिक संपत्तियों की जांच में जुटी विजिलेंस टीम ने नगर निगम से भी अन्य संपत्तियों के बारे में जानकारियां मांगी है।

एपी मिश्र 1976 से लेकर 2017 तक विद्युत विभाग में विभिन्न उच्च पदों पर तैनात रहे थे। इस अवधि में मिश्र की तरफ से नगर निगम सीमा में खरीदी गई अपने नाम, अपनी पत्नी रानी मिश्र, पुत्र विपुल मिश्र, बेटी सांत्वना मिश्र की संपत्तियों की जानकारियां जुटाई जा रही है। एपी मिश्र अलीगंज सेक्टर-जे में भवन संख्या 1/41 के निवासी है। इस संपत्ति की कीमत का भी आंकलन किया जा रहा है। विजिलेंस टीम ने नगर निगम से एपी मिश्र समेत परिवार के की तरफ से खरीद गई संपत्तियों की रजिस्ट्री और बैनामा की प्रमाणित प्रति भी मांगी है। मिश्र के खिलाफ शासन के निर्देश पर विजिलेंस टीम खुली जांच कर रही है।

इससे पूर्व भी पीएफ घोटाले के आरोपी यूपीपीसीएल के तत्कालीन ट्रस्ट सचिव प्रवीन कुमार गुप्त और तत्कालीन निदेशक सुंधाशु द्विवेदी की संपत्तियों की जांच चल रही है। विजिलेंस टीम ने 56, चंद्रलोक हाइडिल आफीसर्स कॉलोनी निवासी प्रवीन कुमार गुप्ता के अलावा उनकी पत्नी अंजू गुप्ता, बेटा अभिनव गुप्ता, बहू मानसी गुप्ता, बेटी अनुभूति गुप्ता की संपत्तियों के बारे में नगर निगम से जानकारी मांगी गई थी। पीएफ घोटाले के तीसरे आरोपी तत्कालीन निदेशक सुंधाशु द्विवेदी की 7/ 171 सेक्टर-सात द्विवेदी निलियम के बारे में जानकारी मांगी गई थी। उनकी पत्नी रेनू द्विवेदी, पुत्र सिद्धार्थी, चैतन्य बहू स्नेहा की संपत्तियों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है।

 

Posted By: Divyansh Rastogi

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