राज्य ब्यूरो, लखनऊ। लोकसभा चुनाव में हार के कारण तलाशने निकली कांग्रेस को अपने घर में भी 'विभीषण' बैठे मिले। पार्टी महासचिव व पूर्वी उप्र प्रभारी प्रियंका वाड्रा को अनुशासन समिति ने जो नाम सौंपे हैं, उनमें कांग्रेस के गढ़ कहे जाने वाले अमेठी, रायबरेली और प्रदेश मुख्यालय सहित 11 जिलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं। आठ कांग्रेसियों के निष्कासन की अनुमति प्रियंका ने दे दी है।

लोकसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में कौन-कौन कांग्रेसी शामिल रहे, इसकी जांच और कार्रवाई के लिए महासचिव प्रियंका वाड्रा ने तीन सदस्यीय अनुशासन समिति बनाई है। समिति के सदस्य पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण, विनोद चौधरी और राम जियावन को प्रियंका ने मंगलवार को दिल्ली बुलाया। वहां राहुल गांधी के तुगलक रोड स्थित कार्यालय पर मुलाकात की।

समिति के एक सदस्य ने बताया कि रिपोर्ट में आठ कांग्रेसियों के निष्कासन की संस्तुति की गई है, जबकि 14 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी शिकायतों की बात है। इस पर प्रियंका ने कह दिया कि पार्टी के बुरे दौर में जो ऐसा काम करने वाले हैं, वे किसी भी स्तर के नेता हों, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने आठ कांग्रेसियों के निष्कासन की अनुमति दी है, जिसमें जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक के पदाधिकारी भी हैं। वहीं, 14 अन्य कार्यकर्ताओं से स्पष्टीकरण तलब करने, फिर उसके आधार पर कार्रवाई के लिए कहा है। समिति संभवत: बुधवार को नोटिस जारी करेगी। प्रदेश मुख्यालय में बैठे पदाधिकारियों की पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता पर वह हैरान भी थीं।

इन जिलों के कांग्रेसियों के हैं नाम

अमेठी, रायबरेली, अंबेडकर नगर, इलाहाबाद, कौशाम्बी, आजमगढ़, डुमरियागंज, देवरिया, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और कानपुर।

एक माह के लिए बढ़ाई जांच

पूर्वी उप्र प्रभारी प्रियंका वाड्रा ने स्पष्ट किया है कि अब पार्टी में ऐसे कार्यकर्ता नहीं रहेंगे। लिहाजा, उन्होंने अनुशासन समिति द्वारा जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया को एक माह तक के लिए और बढ़ा दिया है।

Posted By: Umesh Tiwari

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