लखनऊ। अमेठी राजघराने में बंटवारे की लड़ाई ने आज सियासी विभाजन का स्वरूप अख्तियार कर लिया। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य व पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय सिंह से अलग राजनीतिक रास्ता अपनाकर उनके पुत्र अनंत विक्रम सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गढ़ अमेठी में बढ़ता भाजपा का दखल बड़े बदलाव के रूप में माना जा रहा है।

दलबल के साथ लखनऊ पहुंचे अनंत विक्रम सिंह को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सदस्यता ग्रहण करायी। अनंत का स्वागत करते हुए वाजपेयी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की नीतियों एवं कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में प्रत्येक कार्यकर्ता को जुटाना होगा। भाजपा में शामिल हुए अनंत समर्थकों को बूथ पर संगठन मजबूत करने के लिए कहा गया। वहीं, अनंत का कहना था कि पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का पूरा पालन किया जाएगा। पार्टी कहेगी तो चुनाव भी लडऩे को तैयार हैं, पर इस प्रकार की कोई शर्त सदस्यता ग्रहण करते समय नहीं है।


अमिता को मां का दर्जा कभी नहीं

भाजपा में शामिल होते ही अनंत ने तेवर दिखाए। पिता संजय सिंह के खिलाफ भले ही उग्रता कम दिखी परन्तु मां अमिता सिंह के खिलाफ नाराजगी का इजहार किया। कहा कि अमिता को कभी मां नहींं माना है और न ही मानेंगे। उन्होंने सैयद मोदी हत्याकांड के सवाल पर अधिक कुछ नहीं कहते हुए जांच की निष्पक्षता पर जरूर शक जताया। हालांकि उनका कहना था कि पार्टी में शामिल होने को पारिवारिक मसले से नहीं जोड़ा जाए। संजय सिंह के बारे में कहा कि क्षेत्र का विकास नहीं हो सका। अब उनके पिता देश की सियासत देखें।


कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ेंगी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र अमेठी में अनंत का भाजपा से जुडऩा स्थानीय सियासत में बड़े उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है। अनंत विक्रम सांसद संजय सिंह की पहली पत्नी गरिमा सिंह के बेटे हैं। गत दो दशक से गरिमा, संजय सिंह से विवाद की चलते अलग रह रही थीं। मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ आए अनंत मां गरिमा को लेकर अमेठी राजमहल वापस आ गए हैं जिसको लेकर दोनों पक्षों में टकराव चल रहा है। संजय सिंह की दूसरी पत्नी अमिता सिंह अमेठी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ती हैं। अनंत के भाजपा में शामिल होने को निकट भविष्य में सौतेली मां और बेटे के बीच संभावित चुनावी संघर्ष के तौर पर भी देखा जा रहा है। अमेठी में इस बार मोदी लहर में राहुल को सीट बचाने की मुश्किल आ गयी थी। भाजपा उम्मीदवार रहीं स्मृति ईरानी का चुनाव बाद भी अमेठी में सक्रिय बने रहना कांग्रेस की परेशानी का सबब है तो अब अनंत विक्रम का भाजपा में शामिल होना सियासी जंग को रोचक बना देगा।


बलिया में सियासी घेराबंदी

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के गढ़ बलिया में लोकसभा चुनाव में मिली सियासी बढ़त कायम रखने में जुटी भाजपा ने कुनबा बढ़ाओ छेड़ा हुआ है। रविवार को बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र से बसपा विधायक रहे भगवान पाठक को समर्थकों समेत भाजपा में शामिल कर लिया। इस मौके पर हमीरपुर के राजीव शुक्ला ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।



Posted By: Dharmendra Pandey