लखनऊ, (निशांत यादव)। ईरान के मेजर जनरल कासिम सुलेमानी पर हुई अमेरिका की ड्रोन स्ट्राइक के बाद दुनिया की नजर इस पर टिक गई है। भारत के नागरिक उड्डयन विभाग ने एडवाइजरी जारी कर 31 जनवरी तक देश भर में सभी ड्रोन का पंजीकरण कराने के आदेश दिए हैं। वहीं अमेरिका के जिस एमक्यू-9 रीपर ड्रोन से ईरानी मेजर जनरल पर हमला हुआ, वैसे ही कई देशों के घातक ड्रोन की भावी तकनीक की झलक डिफेंस एक्सपो 2020 में दिखाई देगी। ईरानी जनरल पर ड्रोन हमले जैसी स्थिति में बचाव की तकनीक व रिसर्च पर भी दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ मंथन करेंगे।

दुनिया भर के सर्विलांस सहित कई क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले ड्रोन और ऑटोमेटिक हथियारों के बीच वृंदावन योजना में डिफेंस एक्सपो स्थल पर होड़ मचेगी। फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से ड्रोन हमलों से मिलिट्री व सिविल एयरपोर्ट के साथ संवेदनशील स्थानों को बचाने को लेकर सेमिनार होगा। इसी सेमिनार में ड्रोन हमले के दौरान जोखिम कम करने और एंटी ड्रोन तकनीक के रिसर्च के क्षेत्र की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की जाएगी।

वहीं भारत न्यू स्पेस रिसर्च टेक्नोलॉजी के मल्टीरोल ड्रोन के साथ अमेरिका सहित कई देशो के ड्रोन डिफेंस एक्सपो का अहम हिस्सा होंगे। रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो अमेरिकी हमले के बाद ड्रोन के घातक हमले को नाकाम करने की तकनीक पर कई कंपनियों ने रिसर्च शुरू कर दी है। मौजूदा ड्रोन की तकनीक ये कंपनियां डिफेंस एक्सपो में लेकर आ रही हैं।

दिखेंगे ये घातक हथियार

सूरन : एक मानवरहित टेली ऑपरेटेड कॉम्बैट व्हीकल। इस व्हीकल और इसमें लगी गन को रिमोट, मोबाइल कंट्रोल स्टेशन और आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस निवाटा से कंट्रोल किया जा सकता है। इस 500 सीसी इंजन वाले व्हीकल में लंबी रेंज के कैमरे, प्रोसेसर्स, सेंसर, पॉवर बैकअप, इनबिल्ट जनरेटर लगे हैं।

मिल्कर : यह कॉम्बैट व्हीकल बारूदी सुरंग के हमले के बीच भी 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ सकता है। कुल 10 जवानों के साथ यह व्हीकल 200 लीटर ईंधन भरने पर एक हजार किमी. तक जा सकता है। इसमें रिमोट वेपन स्टेशन लगा है, जिससे ऑटोमेटिक ग्रेनेड लॉन्चर व एम 2.50 कैलिबर से स्मोक ग्रेनेड की फायर‍िंग हो सकती है।

हाइब्रीड बिहो : यह कोरियन कंपनी का सेल्फ प्रोपेल्ड गन एयर डिफेंस सिस्टम है। यह 30 एमएम की दो गन से लैस है। इससे दुश्मनों के एयरक्राफ्ट को मार गिराने वाले गाइडेड मिसाइल भी लांच की जा सकती है। यह गन एक मिनट में 1200 राउंड फायर गोलियां कर सकती है। 

मीडियम टैंक के21-101 : कोरियन कंपनी का यह मीडियम टैंक 105 एमएम गन से लैस है। यह मीडियम टैंक पैदल सेना को कवर देने में अहम किरदार निभाता है। एंटी टैंक मिसाइल से लैस इसकी गन पांच किलोमीटर तक मार कर सकती है।  

Posted By: Anurag Gupta

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