लखनऊ(जागरण संवाददाता)। सरकार स्कूलों में शिक्षा के साथ-साथ खेल को भी बढ़ावा दे रही है। वहीं, नेशनल इंटर कॉलेज में खेल में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं को झटका दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक छात्रों के फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए गए। आरोप है कि प्रिंसिपल ने छात्रों से कहा कि पढ़ना है तो स्कूल आओ, वरना मत आओ।

छात्रा नमिता यादव, अंतराकुमारी, प्रिया, रानीकुमारी, हर्षित सिंह, फैजल अहमद, आदित्य गौतम, निखिल यादव ने हाल में नेशनल इंटर कॉलेज में दाखिला लिया। यह सभी छह और आठ के छात्र-छात्राएं और तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिता ताइक्वांडो में गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं। छात्रों ने कहा कि स्कूल में खेल शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए हैं। ऐसे में खेल संबंधी व्यवस्थाएं चौपट हो गई हैं। उधर, ताइक्वांडो की मंडलीय प्रतियोगिता भी जल्द ही होने वाली है। वहीं, 24 सितंबर से फैजाबाद में होने वाली राज्य प्रतियोगिता को लेकर तैयारी चल रही है। सोमवार को छात्र प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रिंसिपल से फॉर्म पर हस्ताक्षर कराने पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि प्रिंसिपल ने हस्ताक्षर करने से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि पढ़ाई करनी है तो स्कूल आओ, वरना मत आओ। साथ ही कमरे से भी निकाल दिया। ऐसे में छात्रों ने दोपहर में डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह से शिकायत की। डीआइओएस ने प्रिंसिपल से वार्ता कर छात्रों की समस्या का निराकरण कराया।

नेशनल इंटर कॉलेज प्रिंसिपल रामचंद्र का कहना है कि छात्रों ने दो दिन पहले ही दाखिला लिया। स्कूल में खेल शिक्षक रिटायर हो गए हैं। ऐसे में छात्राओं के साथ प्रतियोगिता में कौन जाएगा। इसको लेकर विचार चल रहा है, फिलहाल खेलों के लिए किसी को रोका नहीं गया है। उनके आरोप झूठे हैं।

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