लखनऊ, जेएनएन। केंद्र सरकार की पहल पर देशभर के सेवायोजन कार्यालय जल्द ही एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे। कार्यालयों को जोडऩे की यह कवायद डिजिटल इंडिया के तहत चल रही है। इसके तहत सेवायोजन कार्यालयों को आपस में लिंक किया जाएगा। इसमें राजधानी समेत प्रदेश के 92 कार्यालय भी शामिल हैं। इस प्रयास से न केवल बेरोजगारों को नौकरी के अधिक अवसर मिलेंगे बल्कि कंपनियों को भी युवाओं के चयन में आसानी होगी। 

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार विभाग की ओर से नेशनल कॅरियर सर्विस (एनसीएस) का गठन किया गया है। इसके गठन के पीछे मंशा यह है कि अधिक से अधिक कंपनियों को एक साथ जोड़ा जाए और देश के किसी भी कोने में रहने वाले बेरोजगारों को रोजगार की जानकारी हो सके। प्रदेश के सभी 92 सेवायोजन कार्यालयों को एनसीएस से जोडऩे की कवायद पिछले वर्ष से शुरू हुई थी। सभी को जोडऩे का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लालबाग स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय को जोडऩे की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। एनसीएस से जुडऩे से प्रदेश में पंजीकृत 45 लाख से अधिक बेरोजगारों को न केवल एक साथ नौकरी के अवसर मिलेंगे, बल्कि सेवायोजन के वेबपोर्टल पर पंजीकृत संस्थाएं योग्य बेरोजगारों से सीधे संपर्क कर उनका साक्षात्कार लेकर नौकरी दे सकेंगी। उप निदेशक पीके पुंडीर ने बताया कि पंजीकृत बेरोजगारों को ऑनलाइन जानकारी देने के लिए यह कवायद चल रही है। अब तक इससे 15 हजार से अधिक कंपनियां जुड़ चुकी हैं। 

ऑनलाइन होंगी नौ लाख कंपनियां

एनसीएस में नौकरी देने वाली नौ लाख कंपनियों को जोड़ा जाएगा। 52 सेक्टरों में 27,000 तरह के रोजगार देने वाली कंपनियां सभी सेवायोजन कार्यालयों से जुड़ेंगी। साथ ही बेरोजगार तकनीकी प्रशिक्षण के लिए वेबपोर्टल (यूपीएसडीएम.जीओवी.इन) पर भी बेरोजगार पंजीयन करा सकते हैं। 

 

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