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अयोध्या में ढांचा विध्वंस की बरसी को लेकर यूपी में अलर्ट, संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

अयोध्या में छह दिसंबर 1992 को हुए बाबरी ढांचा विध्वंस की बरसी को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। अयोध्या मथुरा और काशी के अलावा प्रदेश के अन्य संवेदनशील जिलों और स्थलों पर भारी संख्या में सशस्त्र बल तैनात किया गया है।

By Umesh TiwariEdited By: Published: Sun, 05 Dec 2021 09:21 PM (IST)Updated: Mon, 06 Dec 2021 08:23 AM (IST)
अयोध्या में ढांचा विध्वंस की बरसी को लेकर यूपी में अलर्ट, संवेदनशील जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
अयोध्या में बाबरी ढांचा विध्वंस की बरसी को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने अलर्ट जारी किया है।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। अयोध्या में छह दिसंबर, 1992 को हुए बाबरी ढांचा विध्वंस की बरसी को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। अयोध्या, मथुरा और काशी के अलावा प्रदेश के अन्य संवेदनशील जिलों और स्थलों पर भारी संख्या में सशस्त्र बल तैनात किया गया है। पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने भी फील्ड के अधिकारियों को चौकस रहने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार गतिशील रहकर स्थितियों पर नजर रखेंगे। किसी भी संगठन को परंपरा से हटकर कोई आयोजन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि परिस्थितियों का पूरा अध्ययन करके फील्ड की सभी इकाइयों को अवगत करा दिया गया है। इस संबंध में पुलिस महानिदेशक ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये फील्ड में तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि परंपरा से हटकर किसी को भी कोई आयोजन नहीं करने दिया जाएगा। इस संबंध में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर 150 कंपनी पीएसी और छह कंपनी सीआरपीएफ तैनात की गई हैं। यह अयोध्या में श्री रामजन्म भूमि, वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम और मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि की सुरक्षा में पर्याप्त संख्या में तैनात सशस्त्र बल के अलावा है।

प्रशांत कुमार ने सभी अधिकारी लगातार भ्रमणशील रह कर हालात पर नजर रखे हुए हैं। आधा दर्जन संगठनों ने छह दिसंबर को लेकर कुछ ऐलान किए थे। उनसे वार्ता के बाद इन छह संगठनों ने अपनी घोषणा को वापस ले ली हैं। इसके बावजूद वरिष्ठ पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी कैंंप कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परंपरा से हटकर कोई आयोजन न हो।


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