लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का सोमवार का रामपुर दौरा रद हो गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव रामपुर में पार्टी के सांसद आजम खां के पक्ष में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे। माना जा रहा है कि अब वह चार-पांच दिन बाद रामपुर आएंगे। दौरा रद होने पर अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा और सरकार का साजिश बताया।

रामपुर का दौरा रद होने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अखिलेश यादव ने कहा कि आज हमको सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली होते हुए रामपुर जाना था। वहां पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करनी थी। सरकार ने तानाशाही दिखाते हुए हमको रामपुर जाने से रोक दिया। आप सभी को पता है कि योगी आदित्यनाथ सरकार वहां पर सांसद रामपुर आजम खां के खिलाफ अभियान चला रही है। उनको पार्टी की जरूरत है। मैं अब 13 और 14 को फिर रामपुर जाने का प्रयास करूंगा। फिर जिला प्रशासन को अनुमति के लिए पत्र भेजूंगा।

अखिलेश यादव ने बताया कि सरकार ने उन्हें रामपुर जाने से रोक दिया है। जिसके चलते उन्हें अपना आज का कार्यक्रम रद करना पड़ रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि वहां पर मुहर्रम और गणेश विसर्जन का आयोजन हो रहा है। मैं दो दिनों के लिए अपने दौरे को रोक रहा हूं। मैं 13 और 14 सितंबर को अगले कार्यक्रम के बारे में जिला प्रशासन को आवेदन भेजूंगा और मैं अपने आने के बारे में भी जानकारी दूंगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि जिला प्रशासन को पूरे कार्यक्रम की जानकारी दे दी गई थी। रामपुर में पीडब्ल्यूडी के गेस्ट हाउस में रुकना था। इसके बाद प्रशासन ने किसी निजी होटल में रुकने के लिए कहा। हम उसपर भी राजी थे। रामपुर जिला प्रशासन ने ऐसा माहौल बनाया ताकि हम जा न पाएं। सरकार हमें वहां जाने से रोकने का काम कर रही है। डीएम तो सरकार को खुश करने काम कर रहे हैं। जिला प्रशासन की तरफ से ऐसा माहौल बनाया गया कि मैं आऊंगा तो दंगा होगा।

अखिलेश यादव ने कहा कि जितना रामपुर के सांसद आजम खां को परेशान किया जा रहा है, उतना किसी भी नेता को परेशान नहीं किया है। देश के राजनैतिक इतिहास में किसी भी नेता पर ऐसे मुकदमे दर्ज नहीं हुए होंगे। उनकी यूनिवर्सिटी को खत्म करने के लिए पॉलिटिकल मुकदमें लगाए गए हैं। पूरी पार्टी आजम खां के साथ खड़ी हैं। मुझे नहीं लगता कि मुझे 13 और 14 को रामपुर आने से रोका जाएगा।

 भाजपा के साथ कांग्रेस को भी घेरा

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के साथ कांग्रेस मिल गई है। जो कांग्रेस है वो भाजपा है, जो भाजपा है वही कांग्रेस है। रामपुर में भाजपा, शासन, प्रशासन, कांग्रेस सब एक हैं। भाजपा ने तो हमारा खुलकर विरोध नहीं किया जबकि कांग्रेस ने हमारे रामपुर में आने को बड़ा खतरा बताया है। भाजपा की शह पर कांग्रेस ने गर्वनर व सीएम को पत्र भेजा। हमको रामपुर आने से रोकने के लिए पत्र भेजा गया। भाजपा को लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है।

 

केंद्र व राज्य सरकार जीरो

अखिलेश यादव ने कहा कि लोग भाजपा सरकारों की तारीफ के पुल बांध रहे मैं तो दोनों को सौ में से जीरो नंबर दूंगा। उत्तर प्रदेश सरकार को मेरे कार्यकाल के कामों का उद्घाटन करने में लगी है। मैं इनको एक और सूची दूंगा, जिससे यह लोग उन कामों का भी उद्घाटन करें। दोनों सरकारों का परफार्मेंस जीरो है। 100 दिन में एक हटा दो तो एक जीरो केंद्र का एक यूपी सरकार की परफॉर्मेंस है। यूपी को कुछ नहीं मिला, लेकिन प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रपति मिला। 

गीता में पढ़ें योगी की परिभाषा

अखिलेश यादव ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को गीता में योगी की परिभाषा पढऩी चाहिए। वहां लिखा है कि योगी वो है जो दूसरे के दुख को अपना समझे। यहां तो योगी जी खुद दूसरों को दुख दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल से मंत्री क्यें हटाए गए उनको बताना चाहिए। लखनऊ में रविवार को आईआईएम में मंत्रिमंडल के सदस्यों की कक्षा को भी अखिलेश यादव ने मजाक बताया। उन्होंने कहा कि योगी और उनके मंत्री क्या सीखेंगे। भाजपा के मंत्री ट्रेनिंग इसलिए कर रहे क्योंकि इनको कुछ पता नहीं है। इससे बेहतर है कि शासन से हट जाएं। सपा को पता है सरकार कैसे चलेगी, हम चला लेंगे। सरकार ने कर्ज माफ किया नहीं बैंक अलग डूबा दी। इन्वेस्टमेंट का दावा करने वाले बताएं कहां आ रहा है इन्वेस्टमेंट। कौन सा बैंक इन्वेस्टमेंट में सपोर्ट कर रहा है। देश के व्यापारी आज कह रहे गलती हो गई, सपा की स्कीम को बंद किया था। वही फिर शुरू कर रहे, आज यूपी में दूध भी गुजरात से आ रहा। सपा की स्कीम को बंद किया था, वही फिर शुरू कर रहे।

मायावती के बारे में कुछ नहीं बोले, कहा-2022 में अकेले लड़ेंगे चुनाव

रामपुर दौरा स्थगित होने के सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा के साथ कांग्रेस को भी कोसा। मायावती पर टिप्पणी करने से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि 2022 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी अकेले ही लड़ेगी। आजमगढ़ के लोगों के लिए सपा ने क्या किया यह भाजपा को अभी पता नहीं है। 

अखिलेश यादव का रामपुर दौरा रद सपा मुखिया अखिलेश यादव का रामपुर दौरा टल गया है। अब वह चार दिन बाद रामपुर आएंगे।  समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने बताया कि मुहर्रम के कारण ऐसा किया गया है। अब उनके यहां चार-पांच दिन बाद आने की उम्मीद है। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने अखिलेश यादव के दौरे को लेकर गृह विभाग को लिखा था कि रामपुर में मुहर्रम के मौके पर नौ सितंबर की रात जगह-जगह कार्यक्रम होंगे। अजादार रात में भी मातम करेंगे। दस सितंबर को भी जिले भर में जगह-जगह ताजियो के जुलूस निकलेंगे। इस दौरान जुलूस की सुरक्षा में पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगे।

आजम खां के विरोधी उनके कार्यक्रम का विरोध भी कर रहे हैं। ऐसे हालात में पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने लिखा था कि उनका कार्यक्रम आगे बढ़ाया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने रविवार को इस संबंध में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय से भी संपर्क किया था।  सांसद आजम खां पर पिछले दो महीने से प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। उनके खिलाफ चोरी, डकैती, हत्या, जमीन कब्जाने, मकान तोडऩे आदि के  मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। प्रशासन ने उन्हें भूमाफिया की घोषित कर दिया और ईडी ने भी केस दर्ज कर लिया है। इस मामले को लेकर सपाई पहले भी आंदोलन कर चुके हैं।

सोमवार शाम सपा मुखिया अखिलेश यादव का खुद रामपुर पहुंचने का कार्यक्रम था। उनको तीन दिन यहीं रहना था ।  11 सितंबर को गांधी समाधि पर धरना देने का कार्यक्रम बनाया था। इसके लिए सपा जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार ने रविवार को नगर मजिस्ट्रेट से को पत्र देकर अनुमति मांगी थी। सपाइयों ने यहां पर गांधी समाधि के आसपास होर्डिंग भी लगा दिए थे, जिनमें लिखा है कि रामपुर वालों के मुसीबत के दौर में साथ आने पर आपका स्वागत है। इसकी अनुमति जिला प्रशासन ने नहीं दी थी।

Posted By: Dharmendra Pandey

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप