लखनऊ, जेएनएन।  जब देश में अर्थ व्यवस्था गहरे संकट के दौर से गुजर रही है तब भाजपा 'मैन वर्सेज वाइल्डÓ के तमाशे में मस्त है।  यह आरोप समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को जारी बयान में लगाते हुए अर्थव्यवस्था पर गहराए संकट पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के नतीजे सामने आ रहे हैं। नोटबंदी और जीएसटी ने व्यापार जगत में भारी तबाही मचाई है। छोटे व घरेलू उद्योग तो बंद हो ही रहे थे, अब तो आटो मोबाइल सेक्टर भी दम तोडऩे लगा है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार घट रहा है। रुपया कमजोर होने के कारण भारत की अर्थव्यवस्था फिसलकर सातवें स्थान पर आ गई है। वर्ष 1964 में भी भारत इसी स्थान पर था। 

सपा प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को 2024-25 तक पांच हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का वादा किया लेकिन आर्थिक संकेत इस बात के हैं कि यह भी अन्य दावों की तरह थोथा साबित होगा। 

उन्होंने कहा कि देश प्रतिव्यक्ति आय के मामले में वर्ष 2018 में 142 वें नंबर पर था। श्रम ब्यूरो के सर्वे में गत छह वर्षों में करीब 3.7 करोड़ श्रमिकों ने कृषिकार्य से तौबा कर लीं। गत पांच वर्ष में 60 हजार किसानों ने आत्महत्या कर ली। एक करोड़ दस लाख नौकरियां चली गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वाट्स एप और टीवी में ही अपना काम देखती है, जमीनी काम तो कहीं दिखता नहीं। जनता त्रस्त है और नौजवान का भविष्य अंधेरे में है। उन्होंने आगाह किया कि लोकतंत्र को भीड़तंत्र बनाने की साजिशों से सभी को सावधान रहना होगा।

 

Posted By: Anurag Gupta

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