लखनऊ, जेएनए। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आरपीएन सिंह के भाजपा में शामिल होने पर तीखा हमला बोलते हुए कहा ये नई कांग्रेस है जिसमें संघर्ष करने वाले व लाठी खाने वाले ही रह सकते हैं। वे राजा-महाराजा हैं, उनका मेरे जैसे छोटी बिरादरी के एक मामूली किसान का प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनना रास नहीं आ रहा था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के जमीनी मुद्दों पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हजारों कार्यकर्ता जुटे रहे, लाठियां खाई, जेल गए, मुकदमे झेले, लेकिन आरपीएन सिंह कभी सड़क पर नहीं दिखे।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जब मैं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधानमंडल दल का नेता था तब खनन माफिया के खिलाफ धरना दिया था। छह महीने तक आंदोलन किया। सरकार ने मुझे जेल भेज दिया, तब भी माफिया के समर्थन में आरपीएन सिंह ने मुझ पर अनेक दबाव बनाए। उस समय भी खनन के पट्टे की मैंने लड़ाई लड़ी और उसे निरस्त कराया। कांग्रेस में आरपीएन सिंह को पूरा सम्मान मिला है। पहले उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनने का मौका दिया जब उन्होंने मना कर दिया, तब उन्हें झारखंड का प्रभारी बनाया गया।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि आज आरपीएन सिंह को सैंथवार और पिछड़े वर्ग की याद आ रही है, लेकिन सच यही है कि वह अपने को क्षत्रिय के रूप में पेश करते रहे हैं। जिसे अपनी जाति से शर्म आए, वह पिछड़ों का नेता नहीं हो सकता है। अब नई कांग्रेस है, इसमें संघर्ष करने, लाठी खाने, जेल जाने, सरकार के दमन का मुकाबला करने और राहुल गांधी के सिद्धांत ‘‘लड़ो, डरो मत’’ का पालन करने वालों की भागीदारी है।

उन्होंने कहा आरपीएन सिंह जैसे लोग ही सीबीआइ, ईडी के डर से अपनी जमीन, संपत्ति व स्कूल बचाने के डर से भाग सकते हैं, लेकिन कांग्रेस में संघर्ष करने वाले नहीं। कांग्रेस का कार्यकर्ता कल भी लड़ा था, आज भी लड़ रहा है और आगे भी लड़ेगा।

कई नेताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ : बलरामपुर जिले के पूर्व बसपा नेता अरशद खुर्शीद व असलम खुर्शीद ने बुधवार को कांग्रेस का दामन थाम लिया। वहीं, फर्रुखाबाद की रहने वाली प्रगतिशील समाजवादी पार्टी महिला सभा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चना राठौर ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

Edited By: Umesh Tiwari