लखनऊ, जेएनएन। नरेंद्र मोदी सरकार तीन तलाक पर लोकसभा में एक बार फिर बिल पेश करने की तैयारी में है। सरकार के इस बिल के विरोध के फैसले पर आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कायम है। लखनऊ में आज मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की इस मसले पर बैठक भी है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड तीन तलाक बिल के मामले में पुराने रुख पर कायम है। लोकसभा में फिर पेश होने वाले इस बिल को बोर्ड ने सियासी एजेंडा बताया है। वहीं राज्यसभा में इसे पास नहीं होने देने के लिए बोर्ड सेक्युलर दलों को तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

बोर्ड पदाधिकारी आज इस मामले में लखनऊ के नदवा कॉलेज में बैठक कर विचार-विमर्श करेंगे। माना जा रहा है कि अयोध्या में हो रही मध्यस्थता कमेटी की बैठक में हिस्सा लेने के बाद बोर्ड पदाधिकारी राजधानी में इस मुद्दे पर राय मशविरा करेंगे।

पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में दोबारा सत्ता में लौटी नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में बिल को लोकसभा से पास करवाया था। इसके बाद इस बिल पर राज्यसभा में पेंच फंस गया। यह राज्यसभा से पास नहीं हुआ था। अब 17 जून को इसे फिर लोकसभा में पेश किया जाएगा।

इस मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड महासचिव मौलाना वली रहमानी का मानना है कि मौजूदा बिल से शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का नुकसान ज्यादा है। यह बिल सुप्रीम कोर्ट के आदेश की मूल भावना के खिलाफ है। जब सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को अवैध घोषित किया है तो आरोपी को जेल कैसे भेजा जा सकता है। बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य एवं बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के सह संयोजक कासिम रसूल इलियास ने बताया कि आज ही लखनऊ में बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में इस बिल पर विचार किया जाएगा।

मोदी सरकार के अध्यादेश के मुताबिक, मुस्लिम महिलाओं को उनके पति की ओर से तीन तलाक बोलकर तलाक देने पर पाबंदी लगाई गई है। इसके अंतर्गत तत्काल तीन तलाक को दंडनीय अपराध माना गया है। जिसके तहत जुर्माने के साथ तीन साल की सजा का प्रावधान है। यह अपराध तब संज्ञेय होगा जब विवाहित मुस्लिम महिला या फिर उसका करीबी रिश्तेदार उस व्यक्ति के खिलाफ सूचना देगा, जिसने तत्काल तीन तलाक दिया है।

पत्नी को तीन तलाक दे स्टूडेंट से की शादी, योगी आदित्यनाथ के दखल के बाद हुई गिरफ्तारी

आगरा में अपनी पत्नी को तीन तलाक देने वाले जिक्रू रहमान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रहमान की पत्नी तरन्नुम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की शिकायत की थी। तरन्नुम नेबताया कि पांच साल पहले दोनों की शादी हुई थी, दोनों के तीन बच्चे भी हैं। रहमान लगातार अपनी पत्नी को प्रताडि़त कर रहा था। बीते हफ्ते ही रहमान ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया। रहमान ने एक ऐसी युवती से शादी कर ली, जिसे वह मदरसे में पढ़ाया करता था। तरन्नुम ने बताया कि तलाक के बाद उसे घर से निकाल दिया गया। इसी के बाद उन्होंने अपनी गुहार मुख्यमंत्री से लगाई और मुख्यमंत्री के कार्यालय ने इस पर तुरंत कार्रवाई की। पहले मामले की पुष्टि की गई और स्थानीय पुलिस को इस मसले पर एक्शन लेने को कहा गया। जैसे ही मामले की पुष्टि हुई तो मालपुरा पुलिस ने मुस्लिम मैरिज प्रोटेक्शन एक्ट के तहत जिक्रू रहमान को गिरफ्तार किया। 

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Posted By: Dharmendra Pandey

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