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यूपी चुनाव 2027 से पहले सपा का नीले रंग पर दांव, अब ब्लू टी-शर्ट और पैंट में नजर आएंगे कार्यकर्ता

Published: Tue, 08 Sep 2026 08:00 AM (GMT+05:30)

समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को मजबूत करने के लिए प्रतीकों की रणनीति अपना रही है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव।

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राज्य ब्यूराे, लखनऊ। अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के सामाजिक समीकरण को मजबूत करने के लिए समाजवादी पार्टी प्रतीकों की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

कुशवाहा, शाक्य, मौर्य, सैनी समाज में पैठ बढ़ाने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा की सरकार बनने पर सम्राट अशोक की जयंती पर छुट्टी घोषित करने और बिहार के समाजवादी नेता बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा का स्मारक बनवाने की घोषणा की है।

वहीं पार्टी के फ्रंटल संगठन समाजवादी छात्रसभा के ड्रेस कोड में नीले रंग को शामिल कर दिया है। अब छात्रसभा के कार्यकर्ता नीले रंग की टीशर्ट और पैंट में नजर आएंगे। माना जा रहा है कि दलितों से संपर्क बढ़ाने के लिए यह बदलाव किया गया है।

सोमवार को सपा मुख्यालय पर बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में कुशवाहा, शाक्य, मौर्य, सैनी समाज का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में सपा प्रमुख ने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा ने अपना पूरा जीवन वंचित, शोषित तबके के सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने में लगा दिया।

भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी है, बाबा साहब का संविधान और कानून नहीं मानती है। भाजपा के खिलाफ पीडीए ही विकल्प है। उन्होंने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती पर छुट्टी घोषित की जाएगी और लखनऊ के सबसे महत्वपूर्ण स्थान गोमती रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगाकर स्मारक बनाया जाएगा।

भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर, सारनाथ, सोनभद्र आदि में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित कर दुनिया से जोड़ने का काम होगा। सपा प्रमुख ने जातीय जनगणना की मांग करते हुए कहा कि कुशवाहा, शाक्य, मौर्या, सैनी समाज के लोग आबादी में ज्यादा हैं, लेकिन संख्या कम बताई जाती है।

इनकी गिनती कर आबादी के हिसाब से हक और सम्मान मिलना चाहिए। जो लोग सुरंग में रहकर आरक्षण के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, उनकी सोच को नहीं चलने दिया जाएगा।

वहीं पार्टी ने छात्र सभा की ड्रेस में भी बदलाव कर दिया है। पहले कार्यकर्ता मैरून रंग की शर्ट और सफेद पैंट पहनते थे। अब नीली पैंट के साथ उसी रंग की टीशर्ट पहनी जाएगी, जिस पर छात्रसभा का लोगो और साइकिल का चिह्न होगा। प्रदेश की राजनीति में सामान्य तौर पर बसपा नीले रंग का प्रयोग करती आई है।

परंतु पिछले एक साल से सपा भी कई मौके पर नीले रंग से राजनीतिक संदेश दे रही है। डॉ. बीआर आंबेडकर जयंती और कांशीराम की पुण्यतिथि जैसे आयोजनों में सपा प्रमुख नीला गमछा पहन चुके हैं। सपा अब छात्रसभा की ड्रेस के सहारे एक कदम आगे बढ़ने की कोशिश में है।

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