लखनऊ, जेएनएन। अपने शहर को नागरिक सुविधाओं के मामले में नंबर वन बनाने को लेकर जागरण कार्यालय में दस दिनों तक समाज के विभिन्न वर्गों के विशेषज्ञों के बीच हुए मंथन से निकले अमृत पर शनिवार को सरकार की मुहर लग गई। जागरण एजेंडा-2019 की सराहना करते हुए सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री डा.दिनेश शर्मा ने अगले साल के लिए शहर के विकास का रोड मैप पेश किया। इस मौके पर राज्यमंत्री मोहसिन रजा के अलावा मेयर संयुक्ता भाटिया और विधायक नीरज बोरा व सुरेश श्रीवास्तव भी मौजूद थे।

थोड़ा इंतजार कीजिए वल्र्ड क्लास शहर होगा लखनऊ : डॉ दिनेश शर्मा

लखनऊ को लेकर बहुत योजनाएं चल रही हैं। ऐसा शहर बनाएंगे जहां प्रदूषण रहित यातायात होगा। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और सुविधाएं बेहतर होंगी। रोजगार के अवसर पैदा होंगे। नागरिक सुविधाओं में इजाफा होगा। पर्यटन के अपार अवसर पैदा होंगे और लोग खुली हवा में रात को भी सुरक्षित सफर कर सकेंगे।

सौ इलेक्ट्रिक बसों से सफर होगा सुहाना

शहर में प्रदूषणरहित ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा दिया जा रहा है। शहर में जल्द ही सौ इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी। अहमदाबाद की तर्ज पर ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विकसित किया जाएगा जिससे भविष्य में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम और सुविधाजनक होगा। मेट्रो का भी जल्द दूसरे क्षेत्रों में विस्तार होगा।

दोबारा अतिक्रमण पर थानेदार होंगे जिम्मेदार

शहर को साफ सुथरा रखने के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा है। फिर से अतिक्रमण न हो इसके लिए थानेदारों की जिम्मेदारी तय होगी। अगर फिर से कहीं पर शिकायत मिली तो पूरी जवाबदेही संबंधित एसओ की होगी। प्रशासन को सख्ती से इस पर अमल करने को कहा है ताकि आम नागरिकों को दिक्कत नहीं हो। 

चिन्हित होंगे वेडिंग जोन, बाजार भी शिफ्ट होंगे

नए साल में शहर में जाम और अतिक्रमण की समस्या से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। पटरी दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनेंगे और कुछ बाजार भी शिफ्ट किए जाएंगे।

गंगा मिशन से जोड़ेंगे गोमती

शहर की जीवन दायिनी गोमती को फिर से सेहतमंद करने के लिए इसे गंगा मिशन से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा। अभी जो नाले सीधे गोमती में गिर रहे हैं उनको जल्द ही एसटीपी तक पहुंचाया जाएगा।

भूूजल दोहन करने वालों को जेल

भूगर्भ और जल संरक्षण को लेकर सख्ती होगी। जो लोग भूजल का दोहन कर पानी बेच रहे हैं उनके लिए कानून बनाया गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इससे जलस्तर व उसकी गुणवत्ता सुधरेगी। इसके साथ ही इजराइल पैटर्न पर बिना रेन वॉटर हार्वेस्टिंगके मकान का नक्शा पास नहीं किया जाएगा। इससे घर का पानी घर में स्टोर किया जा सकेगा।

चमकेंगे सरकारी स्कूल, विवि को बनाएंगे विश्व स्तरीय

सरकारी विद्यालयों को निजी कॉलेजों की तरह सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। राजकीय जुबली कॉलेज को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा। वर्चुअल क्लासेस बनेंगी और जल्द ही इमारत का विस्तार होगा। हास्टल की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा दो और मॉडल स्कूलों को विकसित किया जाएगा। विवि को सेन्ट्रल विवि की तरह सुविधाएं देंगे। जल्द ही नैक में बेहतर स्थिति हासिल होगी। छात्रावासों की हालत सुधरेगी। ई लाईब्रेरी पहले से ही काम कर रही है। सोलर भी लगा दिया गया है।

बेहतर इलाज होगा, नहीं करना पड़ेगा इंतजार

शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं में और इजाफा होगा। मेडिकल कॉलेज का विस्तार किया जा रहा है। जल्द ही एक और मेडिकल विवि खोला जाएगा। यहां से यूपी के सारे मेडिकल कॉलेजों को संचालित किया जाएगा।

गुल्लालाघाट से कलाकोठी तक होगा रिवर फ्रंट का विस्तार

रिवर फ्रंट केवल ट्रांसगोमती तक ही नहीं रहेगा। गुल्लालाघाट से लेकर कलाकोठी तक इसका जल्द विस्तार होगा। इसकी रूपरेखा तैयार हो गई है जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इससे पुराने शहर के लोगों को एक बड़ा तोहफा मिलेगा।

आइटी हब बनेगा, युवाओं को शिक्षा संग रोजगार

लखनऊ केवल पर्यटन और विकास का आइना ही नहीं होगा यहां पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इसे आइटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। फिलहाल एचसीएल काम कर कर रहा है जहां पर ब'चों को पढ़ाई संग कमाई का मौका भी मिल रहा है। कॉलेजों में कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा और स्किल कनेक्ट एप से जोड़ेगे।

खेलों में भी सुविधाएं बढ़ेगी, हॉकी पर होगा फोकस 

खेलों में हमारा शहर अगले कुछ सालों में चमकेगा। शूटिंग रेंज को विश्व स्तरीय बना दिया गया है। इसके अलावा साई का भी विस्तार हो रहा है। स्पोट्र्स कॉलेज का भी कायाकल्प होगा। हॉकी को लेकर दैनिक जागरण की चिंता को मैंने संज्ञान लिया है। जल्द ही खेल विभाग से हॉकी की सुविधाओं में इजाफा करने पर बात करूंगा।

जन सुविधा केंद्र बनेंगे मददगार

आम लोगों को बिजली से लेकर पानी तक के बिल और दूसरी जनसेवाओं के लिए जन सुविधा केंद्र मददगार बनेंगे। सीएम हेल्पलाइन भी विकसित की जा रही है। किसी तरह की समस्या का निदान बस एक कॉल करने पर हो जाएगा।

यहियागंज में बनेगी पार्किंग, कई और जगह प्रस्ताव

जल्द ही यहियागंज में नवभारत पार्क में 13 करोड़ की लागत से पार्किंग बनायी जा रही है। तीन और पार्किंग प्रस्तावित हैं जिन पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा पुराने शहर में तीन फ्लाईओवर पर इसी साल काम शुरू हो जाएगा। नए साल में नक्षत्रशाला का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसका प्रस्ताव हो गया है जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

उप्र सोने की अंगूठी तो लखनऊ को बनाएंगे हीरा : मोहसिन

मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सोने की अंगूठी है तो हम राजधानी लखनऊ को उसमें जड़ा हीरा बनाएंगे। लखनऊ को दूसरा नोएडा बनाएंगे। इसके लिए स्व'छता अभियान से लेकर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सूचना तकनीक विभागों के जरिये काम किये जा रहे हैं। मैं कहना चाहूंगा कि मेयर के रूप में डॉ दिनेश शर्मा से पहले के लखनऊ और आज के लखनऊ में बहुत अंतर है। लखनऊ अब और आगे जा रहा है। पहले केवल मूलभूत आवश्यकताओं की बात होती थी, मगर आज विकास और स्व'छता की बात हो रही है।

लखनऊ में अब शिफ्ट ड्यूटी हो रही है। लोग रात में भी आ जा रहे हैं। इनमें महिलाएं भी हैं। यह बानगी है कि लखनऊ सुरक्षा के मामले में बेहतर हुआ है। इसमें उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की बड़ी भूमिका है। हम सब मिलकर विकास कर रहे हैं। नया शहर तेजी से डेवलप हुआ है तो अब उसी तर्ज पर पुराने लखनऊ का भी विकास हो रहा है। अगले चरण में गुल्लालाघाट से लेकर कुडिय़ा घाट तक विकास करने जा रहे हैं। दिन पर दिन हम सफाई के मामले में बहुत आगे बढ़ चुके हैं। वर्तमान सरकार की मेट्रो रेल परियोजना की गति को तेज कर दिया है। ये 2019 में भी जारी रहेगी। हजारों लोग मेट्रो से जुड़ेंगे। नौकरी मिल रही है। अब लखनऊ पर लोग भरोसा कर रहे हैं। आइटी हब के रूप में लखनऊ को हम दूसरा नोएडा बना रहे हैं। विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर काम करेंगे। आगे चलकर राजधानी को हम अंगूठी पर हीरे की तरह जड़ेंगे।

खेलों के लिए लखनऊ में होंगे बेहतर कोच

अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम हमारी बड़ी उपलब्धि है। लखनऊ का स्पोट्र्स कालेज एशिया का सबसे बड़ा है। इस कालेज  को और अ'छा करेंगे। साई हॉस्टल से अनेक खिलाड़ी आए हैं। आरपी सिंह और सुरेश रैना ख्याति प्राप्त हैं। नई पीढ़ी के लिए कोच कम हैं। पिछली सरकारों में सिर्फ एडहॉक कोच रखे गए हैं। आज जरूरत है अ'छे कोच की, यह कमी हम पूरी करेंगे। लखनऊ में क्रिकेट एकेडमी खोलने पर बात चल रही है। कपिल देव और सुरेश रैना से बात चल रही है। प्राइवेट सेक्टर में अन्य लोगों से भी बात हो रही।

लखनऊ नंबर वन बनें, यही मेरा सपना : संयुक्ता भाटिया

महापौर संयुक्‍ता भाटिया ने कहा कि लखनऊ नंबर वन की पोजीशन पर आए, मेरा यह सपना है। इसको और कैसे सुंदर बनाएं, ऐसी योजनाओं पर चर्चा करने के लिए अक्सर मैं डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा जी से मिलती रहती हूं। शासन स्तर पर अन्य विभागों से तालमेल के भी प्रयास कर रही हूं। सुंदर लखनऊ की कल्पना शहर को साफ रखकर ही साकार होगी। इसलिए शहर में स्व'छता के लिए भी हम जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसमें हमें जनता की और सहभागिता चाहिए। हालांकि, हमें नागरिकों की सहभागिता मिल रही है।

सिर्फ इतनी अपील है कि नगर निगम की ओर से दिन में दो बार सफाई की जाती है। एक सुबह 11 बजे और दूसरी शाम को छह बजे। मगर, अक्सर देखा जाता है कि सुबह सफाई होने के बाद दुकानदार सफाई करके अपनी दुकान का कूड़ा बाहर फैला देते हैं। अत: दुकानदार और नागरिक सुबह 11 बजे सफाई होने के बाद घर या दुकान का कूड़ा बाहर न फेंकें। वहीं, कुछ लोग शहर में रखे कूड़ादानों में दूर से कूड़ा फेंकते हैं जिससे कचरा कूड़ेदान के बजाए इधर-उधर फैल जाता है। इसलिए नागरिक इसमें अपनी और अधिक सहभागिता बढ़ाएं।

मैं जब भी किसी विद्यालय में जाती हूं, वहां स्व'छता पर बात जरूर करती हूं क्योंकि नई पीढ़ी को इसके प्रति जागरूक करना बहुत जरूरी है। हमे कई बार सुनने को मिलता है कि कोई परिवार कार से जा रहा है तो नर्सरी पढऩे वाले उनके ब'चे भी टोंक रहे हैं कि कूड़ा बाहर न फेंकें। इसके अलावा लखनऊ नगर निगम में बहुत से काम ऑनलाइन हो रहे हैं। इससे फायदा यह हुआ है कि एक तो पारदर्शिता बनी रहेगी। समयबद्ध निस्तार होगा। साथ ही जहां साफ-सफाई से संबंधित शिकायतें आ रही हैं, वहां हम संबंधित नागरिक व सफाई कर्मी का नंबर एक दूसरे को दे रहे हैं ताकि वह स्वयं अपने यहां की सफाई व्यवस्था के बारे में सीधे सवाल कर सकें।

एसटीपी बनाएं, जीवनदायिनी गोमती को बचाएं : सुरेश श्रीवास्तव

लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेश श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ के विकास का अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जो खाका तैयार किया था, लखनऊ उसी पर आगे बढ़ रहा है। हालांकि, कुछ मसलों पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है। जीवनदायिनी गोमती की हालत चिंताजनक है। हमने सदन में भी यह मुद्दा उठाया था। सिर्फ जलकुंभी साफ करने से गोमती का भला नहीं होगा, इसकी तलछट से सफाई की जानी चाहिए। गोमती में 28 नाले गिर रहे हैं। शहर में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) अपर्याप्त हैं। इन एसटीपी से 50 फीसद नालों के पानी का ही शोधन हो पा रहा है। ऐसे में और एसटीपी बनाकर बचे नालों का पानी शोधित किए जाने की आवश्यकता है।

शहर में दूसरी बड़ी समस्या भू-जल प्रदूषण है। आर्सेनिक, फास्फोरस, लेड जैसे तत्वों की मात्रा भूगर्भ जल में बढ़ती जा रही है। सरकार वैज्ञानिकों की कमेटी बनाकर इस दिशा में अध्ययन कराए। वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के अनुसार जल प्रदूषण को रोकने के लिए कार्रवाई की जाए। शहर में नर्सिंग होम का मेडिकल कचरा निस्तारित नहीं किया जाता, बल्कि उस कचरे को गड्ढा खोदकर उसमें पाट दिया जाता है। ऐसे में यह कचरा भूजल को प्रदूषित कर रहा है। मेडिकल कचरे के निस्तारण का बेहतर प्रबंधन करने के साथ ही सभी नर्सिंग होम व अस्पतालों में इन्सीनरेटर लगाने की आवश्यकता है।

भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए खासकर सरकारी भवनों में अनिवार्य रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाया जाना चाहिए। निजी मकानों में भी वर्षा जल संचयन प्रणाली लगाने को बढ़ावा दिया जाए। कॉलोनियों में ओवर हेड टैंक बंद कर दिया जाना चाहिए। इसके स्थान पर घरों में अंडर ग्राउंड टैंक बनाए जाएं और उसमें से सिर्फ एक टोटी से पानी निकालने की सुविधा दी जाए। सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का काम अभी नेडा के माध्यम से हो रहा है। युवाओं को सोलर एनर्जी के सेक्टर में रोजगार मिल सके, इसके लिए छोटे उद्यमियों को इसमें काम दिया जाना चाहिए। साथ ही सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के लिए सभी भवनों में सोलर प्लांट लगाया जाना चाहिए। वहीं, बिजली चोरी रोकने के लिए प्राथमिकता पर कार्रवाई की जाए और तारों के मकडज़ाल हटवाने के साथ ही बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू की जाए।

प्रदर्शन से प्रशंसा तक तय किया सफर : नीरज बोरा

लखनऊ पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीरज बोरा ने दैनिक जागरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शहर में सुधार और उसके उत्थान के लिए जरूरी बिंदुओं पर चर्चा करने के लिए मुझे आमंत्रित किया गया है। मुख्य समस्या यह है कि शहर का सिर्फ 25 प्रतिशत हिस्सा ही एलडीए द्वारा डेवलप किया गया है। बाकी 75 फीसद क्षेत्र में अनियोजित कॉलोनियां बसी हैं। लोग यह उम्मीद करते हैं कि इतने बड़े अनियोजित क्षेत्र में मूलभूत आवश्यकताएं तुरंत ही मिलने लगेंगी। जबकि ऐसा नहीं है। मेरे विधानसभा क्षेत्र में 70 फीसद क्षेत्र में मलिन बस्तियां हैं। ऐसे में विकास योजनाओं को लागू करने में दिक्कत तो आती ही है, समय भी लगता है। यह कोई तुरंत हो जाने वाली चीज नहीं है। फिर भी प्रयास जारी हैं और परिणाम सामने आने भी लगे हैं।

दूसरी बात यह है कि मेट्रो जैसी सुविधाएं आनी चाहिए, उससे शहर की सहूलियत में इजाफा होता है और छवि में भी चार चांद लगते हैं, पर मूलभूत सुविधाओं का होना अत्यावश्यक है। वह प्राथमिकता पर होना चाहिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि 2019 में हम एक साफ और सुंदर लखनऊ देखेंगे। इसमें एक चीज जोडऩा चाहूंगा कि, शहर की मुख्य समस्या ट्रैफिक की है उसका सबसे पहले हल खोजना होगा। हम यही कर रहे हैं। शहर से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। हमने कुछ जगह नो वेंडिंग जोन बनाए। कुछ और स्थानों पर वेंडिंग जोन चिह्नित किये जा रहे हैं। इससे अवैध वसूली की भी समस्या कम होगी।

पहले लोग धरना प्रदर्शन करते थे कि दुकानें हटवा दी गई हैं। अब लोग प्रशंसा करते हैं, बधाई देते हैं कि क्षेत्र साफ-सुथरा हो गया। तो हमने प्रदर्शन से प्रशंसा तक का सफर तय किया है और शहर की भलाई के लिए यह सफर जारी रहेगा। ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए काम चल रहा है, योजनाएं बन रही हैं। अभी हम इस बात पर फोकस कर रहे हैं कि बीच शहर से ट्रैफिक को निकालते हुए दूसरी ओर कैसे ले जाया जाए। इसके लिए गोमतीनगर से आइआइएम रोड को जोडऩे पर काम हो रहा है। बंधों पर काम हो रहा है ताकि जाम की स्थिति न पैदा हो।

Posted By: Anurag Gupta

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