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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लखनऊ में अफजाल अंसारी की 12 करोड़ 50 लाख की संपत्ति कुर्क, माफिया मुख्तार अंसारी के हैं भाई

By Vrinda SrivastavaEdited By:
Published: Fri, 28 Oct 2022 05:18 PM (IST)Updated: Fri, 28 Oct 2022 10:11 PM (IST)

बसपा के सांसद अफजाल अंसारी की लखनऊ में 12 करोड़ 50 लाख रुपया की संपत्ति कुर्क कर ली गई है। ...और पढ़ें

लखनऊ में अफजाल अंसारी की 12 करोड़ 50 लाख की संपत्ति कुर्क.
लखनऊ में अफजाल अंसारी की 12 करोड़ 50 लाख की संपत्ति कुर्क.

लखनऊ, जागरण संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया और संगठित गिरोह के खिलाफ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को गाजीपुर जिले की पुलिस लखनऊ पहुंची। पुलिस ने डालीबाग में तिलक मार्ग स्थित गाजीपुर से बसपा सांसद व मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी की 12.50 करोड़ की संपत्ति कुर्क की।

पत्नी फरहत अंसारी के नाम कराेड़ों की कोठी बनवाई थी : अफजाल ने पत्नी फरहत अंसारी के नाम कराेड़ों की कोठी बनवाई थी। गाजीपुर पुलिस ने कोठी के बाहर डुगडुगी पिटवाकर कुर्की की कार्रवाई पूरी की। गाजीपुर पुलिस ने वर्ष 2007 में दर्ज गैंगेस्टर एक्ट के एक मामले के तहत यूसुफपुर, महमूदाबाद गाजीपुर निवासी अफजाल अंसारी की संपत्ति कुर्क की है। आरोपित ने 6700 वर्गफीट में कोठी का निर्माण करवाया था।

मौके पर पहुंचे आरोपित के परिवारजन : पुलिस ने डालीबाग पहुंचकर मकान में मौजूद नौकर को अतिरिक्त सामान बाहर निकालने के निर्देश दिए और की जाने वाले कार्रवाई से अवगत कराया। इसके बाद आरोपित के परिवारजन वहां पहुंचे। घर के भीतर एक पालतू कुत्ता मौजूद था। इसके अलावा परिसर में एक कार, एक बाइक भी खड़ी थी। परिवारजन ने दोनों गाड़ियों को बाहर निकाला और कुत्ते को भी साथ लेकर चले गए।

गेट पर कुर्की की कार्रवाई की नोटिस चस्पा कर दी गई : वहीं, घर के नौकरों ने खाने पीने की सामग्री बाहर निकाली। इसके बाद गेट पर कुर्की की कार्रवाई की नोटिस चस्पा कर दी गई। अफजाल अंसारी मऊ से पूर्व विधायक व जेल में बंद मुख्तार अंसारी के भाई हैं। इससे पहले भी मुख्तार और उनके करीबियों की संपत्ति कुर्क की गई थी। कुर्की के दौरान गाजीपुर पुलिस के अलावा हजरतगंज पुलिस भी मौजूद रही। इस दौरान आस पड़ोस के लोगों का भी जमावड़ा लगा रहा। जिलाधिकारी गाजीपुर की न्यायालय ने 23 अक्टूबर को कुर्की का आदेश जारी किया था।