लखनऊ, जागरण संवाददाता।  लखनऊ के चिड़ियाघर में दो महीने बाद दर्शक अब फिर से जेब्रा देख सकेंगे। दरअसल इजराइल से पहले आए तीन जेब्रा में एक के निधन होने के आद अब चिड़ियाघर प्रशासन किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता। पहले से बचे एक नर व मादा को एक बाड़े में और सोमवार को आए दो नर और एक मादा को दूसरे बाड़े में रखवाया गया है। इन सभी को सघन निगरानी में दो महीने तक रखा जाएगा।

नई दिल्ली एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से लाये गए जेब्रा अभी घबराए हुए हैं। डा.अशोक कश्यप ने बताया कि सभी पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उन्हें पहले से रखे गये जेब्रा के बाड़े के बगल वाले बाड़े में रखा गया है। ताकि अभी वह खुद को सामान्य महसूस कर सकें। निदेशक आरके सिंह के निर्देश पर बाड़े की तरफ दर्शकों के जोन पर रोक लगा दी गई है। अब दो महीने बाद ही दर्शक जेब्रा बाड़े की ओर जा सकेंगे। ताकि जेब्रा की सुरक्षा के साथ कोई खतरे की आशंका नहीं रहे।

बाल ट्रेन, मछली और उल्लू घर बंदः चिड़ियाघर प्रशासन ने फिलहाल बाल ट्रेन, मछली और उल्लूघर को बंद रखा है। ताकि जेब्रा को शोरगुल से दूर सामान्य माहौल दिया जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर से आए जेब्रा अभी शोरगुल माहौल से असहज हो सकते हैं। इसलिए पहले उन्हें चिड़ियाघर में सहज और सुरक्षित महसूस कराने का प्रयास किया जा रहा है।

जेब्रा की संख्या हो गई पांचः अब चिड़ियाघर में पांच जेब्रा हो गए हैं। हालांकि जेब्रा को देखने के लिए दर्शकों को अभी दो महीने इंतजार करना होगा। उसके बाद ही दर्शक इन्हें देख पाएंगे। इनमें से दो जोड़ी जेब्रा कानपुर व गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। जोड़ा बिगड़ने की वजह से चिड़ियाघर प्रशासन म्युटेशन के बाद भेजने को लेकर मंथन कर रहा है। सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ही कोई फैसला किया जाएगा।

Edited By: Dharmendra Mishra