लखनऊ, जेएनएन। अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट को फैसला आने के बाद जब पूरे देश की निगाहें उत्तर प्रदेश की शांति-व्यवस्था पर टिकी थीं, तब पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए बड़ा निर्णय किया गया है। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अक्सर अधिकारियों की डांट सुनने वाले पुलिसकर्मियों को तत्परता से की गई ड्यूटी का इनाम भी मिला है। डीजीपी ओपी सिंह ने पहली बार शांति-व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मियों को कर्तव्य निष्पादन के लिए सार्वजनिक रूप से विशेष सराहनीय प्रविष्टि देने का निर्णय किया है।

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि बीते दिनों संपन्न हुए विभिन्न त्योहारों और अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद विधि व्यवस्था को बनाये रखने में पुलिसकर्मियों ने पूरी मुस्तैदी से काम किया। सुरक्षा उपकरणों के साथ पुलिसकर्मी फील्ड में डटे रहे। चप्पे-चप्पे पर उनकी मुस्तैदी रही और वे लगातार फील्ड ड्यूटी में डटे रहे। पुलिसकर्मियों की मेहनत से ही कानून-व्यवस्था उच्चकोटि की बनी रही। ऐसे पुलिसकर्मियों को उनकी तत्परता के लिए प्रोत्साहित करना व उनके मनोबल को बढ़ाना बेहद अहम है।

डीजीपी ने सभी एडीजी जोन, एडीजी पीएसी, एडीजी रेलवे, आइजी व डीआइजी रेंज, एसएसपी/एसपी का निर्देश दिया है कि दशहरा, चेहल्लुम, दीपावली, बारावफात, कार्तिक पूर्णिमा व अन्य प्रमुख मौकों तथा अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के अवसर पर शांति-व्यवस्था बनाने में लगे सभी अराजपत्रित पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका में विशेष सराहनीय प्रविष्टि अंकित किये जाने का निर्देश दिया है। डीजीपी का कहना है कि इस प्रकार सार्वजनिक रूप से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने का कदम पहली बार उठाया गया है। सिपाही से लेकर निरीक्षक तक 35 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिलेगा।

Posted By: Umesh Tiwari

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