लखनऊ, जेएनएन। सुन्नी वक्फ बोर्ड अयोध्या में मिलने वाली पांच एकड़ भूमि में मस्जिद बनाने के साथ-साथ और क्या बनाया जा सकता है, इसके सभी विकल्पों पर विचार करेगा। अयोध्या में मिलने वाली जमीन पर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संंस्थाओं की स्थापना के प्रस्ताव बोर्ड को प्राप्त हुए हैं। इन सभी प्रस्तावों को 26 नवंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ भूमि देने का निर्णय किया है। इस निर्णय पर मुस्लिम पक्ष एकमत नहीं हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कुछ पक्षकार जमीन न लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इस मसले पर साफ कह दिया है कि पांच एकड़ भूमि लेने या न लेने का फैसला उनकी बोर्ड मीटिंग में तय होगा।

सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारुकी कहते हैं कि 26 नवंबर की बैठक में भूमि लेने या न लेने का फैसला हो जाएगा। पांच एकड़ जमीन में मस्जिद के साथ ही और क्या-क्या बनाया जा सकता है इसके सभी विकल्पों पर बोर्ड विचार करेगा। सूत्रों के अनुसार जो प्रस्ताव आए हैं उनमें स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, म्यूजियम आदि से संबंधित हैं। कुछ प्रस्ताव ऐसे हैं जिनमें पांच एकड़ भूमि पर दार्शनिक स्थल विकसित करने की बात है। एक प्रस्ताव में वहां मस्जिद के साथ ही मुगल गार्डन की तर्ज पर खूबसूरत गार्डन बनाने की सलाह दी गई है, जिसमें देश भर के खूबसूरत फूलों के पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है।

कुछ प्रस्ताव ऐसे हैं जिसमें इस परिसर को हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल के रूप में विकसित करने के लिए कहा गया है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला 26 नवंबर को होने वाली सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक में लिया जाएगा। बता दें कि सुन्नी वक्फ बोर्ड अपनी बैठक में अब ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के निर्णय पर भी विचार करेगा। हालांकि, बोर्ड केवल अयोध्या में पांच एकड़ जमीन न लेने के फैसले को ही अपनी बैठक में रखेगा। पुनर्विचार याचिका के मामले में सुन्नी वक्फ बोर्ड अपने पुराने रुख पर कायम है। बोर्ड पहले ही घोषणा कर चुका है कि पुनर्विचार याचिका नहीं दायर की जाएगी।

बता दें कि ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने लखनऊ में बैठक के बाद सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या मामले में निर्णय को मानने से इन्कार कर दिया है। इस मामले में पुनर्विचार याचिका दाखिल कर पांच एकड़ भूमि न लेने का फैसला किया गया है। इस फैसले के बाद अब सभी की निगाहें सुन्नी वक्फ बोर्ड की 26 नवंबर को होने वाली बैठक पर लग गईं हैं।

Posted By: Umesh Tiwari

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