लखनऊ, जेएनएन। अयोध्या पर नौ नवंबर को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उसका जोरदार स्वागत किया था। इतना ही नहीं उन्होंने उसी समय 24 नवंबर को अयोध्या जाने की घोषणा भी की थी। अब महाराष्ट्र में सरकार बनने में विलंब होने के कारण उनका अयोध्या आना संभव नहीं है।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 24 नवंबर को अयोध्या में रामलला के दर्शन करने की घोषणा की थी, लेकिन महाराष्ट्र में सरकार बनने में हो रही देरी के कारण उन्होंने अयोध्या की यात्रा रद कर दी है। उद्धव ठाकरे ने अयोध्या पर फैसला आने के बाद कहा था कि वह 24 नवंबर को अयोध्या जाएंगे। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राकांपा सुप्रीमो शरद पवार के बीच होने वाली बैठक से पहले  24 नवम्बर को निर्धारित अपनी अयोध्या की यात्रा को स्थगित कर दिया है। शिवसेना नेता ने कहा कि सरकार गठन की प्रक्रिया में समय लग रहा है। तीन दलों (शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस) के नेता बैठक कर रहे हैं। सरकार गठन की ओर आगे बढ़ रहे हैं।  इन गतिविधियों के मद्देनजर उद्धव ठाकरे ने अयोध्या का अपना दौरा स्थगित करने का फैसला किया है।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि एक लंबे विवाद की समाप्ति हुई। उन्होंने कहा था कि भारत के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। हर किसी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करना चाहिए। आज के दिन मैं बाल ठाकरे और अशोक सिंघल को याद कर रहा हूं। हम पहले भी अयोध्या गए थे। वहां पर पूजा भी की थी और 24 नवंबर को मैं जरूर अयोध्या जाऊंगा। हम फैसले का सम्मान करते हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि हर कोई फैसले से खुश है। आज का दिन हिंदुस्तान के इतिहास में अलग दिन है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात करेंगे। मैं लाल कृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात करने जाऊंगा और उन्हें इसके लिए शुभकामनाएं दूंगा। उद्धव ने कहा कि उन्होंने इसी दिन के लिए रथयात्रा निकाली थी, मैं उनसे जरूर मिलूंगा और उनका आशीर्वाद लूंगा।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे अपने नेताओं को लेकर अयोध्या गए थे। फैसले के बाद उन्होंने यह भी कहा भाजपा के मौजूदा नेतृत्व को इसका श्रेय नहीं लेना चाहिए। इन दिनों भाजपा और शिव सेना के बीच घमासान मचा है। दोनों पार्टियों ने महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव एक साथ लड़ा था। वहां अब सरकार बनाने के मसले पर दोनों में खींचतान चल रही है और नतीजे आने के दो हफ्ते बाद तक सरकार नहीं बन पाई है। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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