लखनऊ, जागरण संवाददाता। राजधानी के कई नामी-गिरामी प्रतिष्ठान भी लोगों की सेहत से खेलने में पीछे नहीं हैं। शहर के कई प्रत‍िष्‍ठानों में मिलावटी और घटिया सामान से बनी खाद्य सामग्री बेची जा रही है। दूध से लेकर पनीर, खोवा और तेल सहित तमाम खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एफएसडीए की जांच में घटिया पायी गयी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने लैब रिपोर्ट के बाद मिलावट करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया है। एफएसडीए की टीमों ने गत माह शहर के अलग-अलग इलाकों से खाद्य पदार्थो के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे।

सरसों के तेल में भी म‍िलावट 

अभिहीत अधिकारी एसपी सिंह के मुताबिक लैब रिपोर्ट में अधिकांश नमूने दूध और इससे बनने वाले उत्पादों को लेकर हैं। दूध में पानी की मिलावट मिली तो खोवा में स्टार्च पाया गया है। पनीर की गुणवत्ता भी सही नहीं पायी गयी। कच्ची घानी सरसों के तेल में भी मिलावट पाई गई है। जिन प्रतिष्ठानों के नमूने जांच में अधोमानक मिले हैं उनको नोटिस जारी किया जा रहा है। जवाब मिलने के बाद जुर्माना तय किया जाएगा।

किसके नमूने हुए फेल

नन्हें स्वीट्स: खोवा, जायसवाल ट्रेडिंग कंपनी: सरसों का तेल, महेश एडबिल ऑयल इंडस्ट्रीज: सरसों का तेल, हि‍ंदुस्तान डेयरी: दूध, मोतीलाल स्वीट्स: पनीर, दिवाकर ट्रेडर्स : पतीसा रोल, अमन ट्रेडिंग कंपनी: बादाम गिरि, गणेश स्वीट्स: पनीर, राज स्वीट्स हाउस: आरेंज पतीसा, संजय साहू जरनल स्टोर: सोया सॉस, अमूल बनास: डेयरी दूध, न्यू सपना स्वीट्स: खोवा, रश्मि स्वीट्स: खोवा, कृष्णा डेयरी: दूध, डायमंड दूध : डेयरी दूध।

क्या है अधोमानक : अधोमानक की श्रेणी में वह खाद्य पदार्थ आते हैं जो शरीर के लिए हानिकारक तो नहीं होते हैं लेकिन गुणवत्ता घटिया होती है। अगर दूध अधोमानक की श्रेणी में आया है तो इसका मतलब है कि उसमें पानी मिला होगा या फिर क्रीम निकाली गई होगी। बेसन में चने की जगह मटर मिली हो सकती है।

Edited By: Anurag Gupta