लखनऊ [निशांत यादव]। एनसीसी बालिका कैडेटों को अश्लील वीडियो भेजने के मामले में सेना के एक वरिष्ठ अफसर को पद गंवाना पड़ गया। कोर्ट मार्शल से पहले ही सेना भर्ती मुख्यालय यूपी व उत्तराखंड के अपर महानिदेशक (एडीजी) को कार्यमुक्त कर दिया गया है। सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत के आदेश के बाद एडीजी की सेवा से जुड़ी सारी सुविधाएं रोक दी गई हैं। वहीं, इस घटना से जुड़ा एडीजी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अब कभी भी उन्हें कोर्ट मार्शल की सजा सुनाई जा सकती है।

 
मेजर जनरल डॉ. सुभाष शरण एक जून 2018 को यूपी एनसीसी के एडीजी बने थे। यूपी से पहले वह गुजरात एनसीसी में इसी पद पर तैनात थे। गुजरात एनसीसी की बालिका कैडेटों ने मेजर जनरल शरण पर मोबाइल फोन से अश्लील वीडियो और मैसेज भेजने की शिकायत रक्षा मंत्रलय में की थी। शिकायत की जांच सेना के आर्टीलरी स्कूल में तैनात लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में गठित कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में हुई। दो राज्यों के एडीजी एनसीसी और एक महिला कर्नल ने मेजर जनरल के मोबाइल फोन के बैकअप, वाट्सएप से चैटिंग और गूगल पर स्टोर डाटा की जांच के बाद उनको आरोपी पाया था। 
 
समरी ऑफ एविडेंस रिकॉर्ड शुरू हुई तो मेजर जनरल शरण को एनसीसी से हटाकर यूपी व उत्तराखंड भर्ती मुख्यालय का एडीजी बनाया दिया गया। करीब एक साल बाद मेजर जनरल शरण को समरी ऑफ एविडेंस में भी दोषी पाया गया था। जनरल कोर्ट मार्शल से पहले मेजर जनरल शरण को रक्षा मंत्रलय ने एडीजी के पद से हटाकर कार्यमुक्त कर दिया है।
 
 

Posted By: Divyansh Rastogi

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