लखनऊ [शोभित मिश्र]। राजधानी में भ्रष्टाचारी, अपराधी और ड्यूटी के प्रति लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मी किसी भी सूरत में नहीं बच सकेंगे। एसएसपी के नेतृत्व में ऐसी खुफिया टीम काम कर रही है, जो दागी पुलिसकर्मियों को दंडित और अच्छों को पुरस्कृत कराने का काम कर रही है।

 सालभर में टीम की रिपोर्ट से 20 को जेल, 100 का निलंबन, 50 जिले से बाहर, 30 पर अवैध वसूली में चार्जशीट समेत 200 से अधिक पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। साथ ही अच्छा काम करने वाले 500 पुलिसकर्मी सालभर में ही पुरस्कृत भी किए गए हैं। टीम ने ऐसी सात वर्ष से 1000 लंबित फाइलों का निस्तारण कराया, जिसमें भ्रष्टाचारी, अपराधियों से सांठगांठ, वर्षों से बिना बताए गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों का इतिहास कैद था। फाइलों के निस्तारण से दागी पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई हो सकी। वहीं हर मोर्चे पर परफॉरमेंस फिट वाले पुलिसकर्मी पुरस्कृत हुए। 

क्‍या कहते हैं एसएसपी?

एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी का कहना है कि दागी 200 से अधिक पुलिसकर्मियों पर सालभर में कार्रवाई की है। अच्छे 500 पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया है। खुफिया टीम का गठन इसी उद्देश्य से किया था। लगातार कठोर कार्रवाई से दागी पुलिसकर्मियों के ग्राफ में तेजी से गिरावट आ रही है।

ये खुफिया टीम की रिपोर्ट पर पहुंचे जेल

  • बीस साल से गैरहाजिर सिपाही सूर्य प्रसाद व पूर्व सांसद धनंजय सिंह के करीबी सिपाही आलोक सिंह की बर्खास्तगी। आलोक और धनंजय हजरतगंज में मुख्तार के प्रतिनिधियों पर हमले की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। 
  • श्रवण साहू हत्याकांड में दो साल से अधिक समय से फरार चल रहे दारोगा धीरेंद्र शुक्ला समेत तीन पुलिसकर्मियों को जेल।
  • गोसाईंगंज में कोयला कारोबारी के घर में घुसकर छापेमारी के बहाने करोड़ों रुपये लूटकर पूरे घटनाक्रम को गुडवर्क का रूप देने वाले आरोपित दारोगा आशीष तिवारी, एएसपी क्राइम के गनर समेत चार पुलिसकर्मियों को जेल। 
  • एयरपोर्ट पर एक कारोबारी से विदेशी पैसा हड़पने के मामले में एसटीएफ के सीओ भी इसी खुफिया टीम की रिपोर्ट पर बेनकाब हुए थे, उनपर मुकदमा भी दर्ज हुआ और अभी जांच चल रही है।

Posted By: Divyansh Rastogi

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