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पीलीभीत के बाद आजमगढ़ की मतदाता सूची में भी गड़बड़ी, कंप्यूटर सहायक व पांच बीएलओ के विरुद्ध कार्रवाई

Published: Sat, 24 Oct 2026 07:04 PM (IST)

Irregularities in Voter List in Azamgarh: समाजवादी पार्टी के आरोप सही पाए जाने पर दोषी पाए गए कंप्यूटर सहायक और ...और पढ़ें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा

HighLights

  1. समाजवादी पार्टी के आरोपों की जांच कराने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कड़ी कार्रवाई का निर्देश

  2. सभी को मतदाता सूची के काम से हटाया, सेवा समाप्त करने का नोटिस भी जारी

  3. निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी समेत तीन के खिलाफ होगी विभागीय कार्यवाही

राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पीलीभीत के बाद आजमगढ़ में मतदाता सूची में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की गई है। समाजवादी पार्टी ने विधान सभा क्षेत्र-347 आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नाम के व्यक्ति का नाम दस बार सूची में शामिल होने का आरोप लगाया था, जिसकी जांच पूरी हो गई है।

समाजवादी पार्टी के आरोप सही पाए जाने पर दोषी पाए गए कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को मतदाता सूची के काम से तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया है। इनकी सेवा समाप्त करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

वहीं, मतदाता सूची तैयार करने के कार्य में दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही व पर्यवेक्षण में शिथिलता पाए जाने पर तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा दो सहायक निर्वाचक अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई की जाएगी। सपा ने 15 अक्टूबर को प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया था कि आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में विकास यादव नाम के व्यक्ति का नाम 10 बार दर्ज है। मामले की जांच के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी आजमगढ़ ने जांच आख्या मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी है।

जांच आख्या के अनुसार, विकास यादव नाम का एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र का है और वह आजमगढ़ की सूची में दर्ज अन्य 13 नामों से अलग है। आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में विकास यादव नाम 13 बार दर्ज पाया गया। इनमें से दो जगह से नाम हटाने की कार्यवाही पहले की जा चुकी है।

शेष 11 नाम आजमगढ़ के 11 अलग-अलग व्यक्तियों के हैं, जो अपने-अपने गांव में रहते हैं। इन 11 व्यक्तियों में वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 के असली नाम और दूसरे विवरण ठीक कराने के लिए फार्म-आठ भरवाया गया है।

जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच कर एक सप्ताह में विस्तृत आख्या देने के निर्देश भी दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने के दो दिन पहले ही एक कंप्यूटर आपरेटर के साथ ही दो उप जिलाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

इनके खिलाफ हुई कार्रवाई

बीएलओ गीता देवी-प्रथम , गीता देवी-द्वितीय, सुनीता देवी, शीला देवी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) एवं उमेश कुमार यादव (रोजगार सेवक) के साथ ही कंप्यूटर सहायक संजय कुमार प्रजापति को सेवा समाप्ति की नोटिस दी गई है। इसके साथ ही तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/ तत्कालीन सदर एसडीएम नरेंद्र गंगवार एवं दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डा. मोनिका अग्रवाल (आयुर्वेदिक चिकित्सक) और माधवेंद्र प्रताप सिंह (तत्कालीन, नायब तहसीलदार सदर)  के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत कार्रवाई किये जाने से पूर्व उनको आरोप पत्र दिए जाने का निर्देश दिया गया है।

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