पीलीभीत के बाद आजमगढ़ की मतदाता सूची में भी गड़बड़ी, कंप्यूटर सहायक व पांच बीएलओ के विरुद्ध कार्रवाई
Irregularities in Voter List in Azamgarh: समाजवादी पार्टी के आरोप सही पाए जाने पर दोषी पाए गए कंप्यूटर सहायक और ...और पढ़ें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा
HighLights
समाजवादी पार्टी के आरोपों की जांच कराने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कड़ी कार्रवाई का निर्देश
सभी को मतदाता सूची के काम से हटाया, सेवा समाप्त करने का नोटिस भी जारी
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी समेत तीन के खिलाफ होगी विभागीय कार्यवाही
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पीलीभीत के बाद आजमगढ़ में मतदाता सूची में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की गई है। समाजवादी पार्टी ने विधान सभा क्षेत्र-347 आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नाम के व्यक्ति का नाम दस बार सूची में शामिल होने का आरोप लगाया था, जिसकी जांच पूरी हो गई है।
समाजवादी पार्टी के आरोप सही पाए जाने पर दोषी पाए गए कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को मतदाता सूची के काम से तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया है। इनकी सेवा समाप्त करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
वहीं, मतदाता सूची तैयार करने के कार्य में दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही व पर्यवेक्षण में शिथिलता पाए जाने पर तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा दो सहायक निर्वाचक अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई की जाएगी। सपा ने 15 अक्टूबर को प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया था कि आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में विकास यादव नाम के व्यक्ति का नाम 10 बार दर्ज है। मामले की जांच के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी आजमगढ़ ने जांच आख्या मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजी है।
जांच आख्या के अनुसार, विकास यादव नाम का एक मतदाता गोरखपुर जिले के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र का है और वह आजमगढ़ की सूची में दर्ज अन्य 13 नामों से अलग है। आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में विकास यादव नाम 13 बार दर्ज पाया गया। इनमें से दो जगह से नाम हटाने की कार्यवाही पहले की जा चुकी है।
शेष 11 नाम आजमगढ़ के 11 अलग-अलग व्यक्तियों के हैं, जो अपने-अपने गांव में रहते हैं। इन 11 व्यक्तियों में वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 के असली नाम और दूसरे विवरण ठीक कराने के लिए फार्म-आठ भरवाया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की जांच कर एक सप्ताह में विस्तृत आख्या देने के निर्देश भी दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने के दो दिन पहले ही एक कंप्यूटर आपरेटर के साथ ही दो उप जिलाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
बीएलओ गीता देवी-प्रथम , गीता देवी-द्वितीय, सुनीता देवी, शीला देवी (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता) एवं उमेश कुमार यादव (रोजगार सेवक) के साथ ही कंप्यूटर सहायक संजय कुमार प्रजापति को सेवा समाप्ति की नोटिस दी गई है। इसके साथ ही तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/ तत्कालीन सदर एसडीएम नरेंद्र गंगवार एवं दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डा. मोनिका अग्रवाल (आयुर्वेदिक चिकित्सक) और माधवेंद्र प्रताप सिंह (तत्कालीन, नायब तहसीलदार सदर) के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत कार्रवाई किये जाने से पूर्व उनको आरोप पत्र दिए जाने का निर्देश दिया गया है।
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) समाजवादी पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता के माध्यम से "विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नामक व्यक्ति का नाम 10 बार अंकित होने" के आरोप के संबंध में करायी गयी जांच पूर्ण प्रकरण में दोषी पाये गए कम्प्यूटर सहायक एवं 05 बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची के कार्य से तत्काल हटाने के निर्देश कम्प्यूटर सहायक एवं 05 बूथ लेवल अधिकारियों को सेवा से हटाये जाने सम्बन्धी दिया गया नोटिस दोषी कर्मचारियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत कार्रवाई किये जाने के निर्देश जिम्मेवार तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 02 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने के निर्देश लखनऊ, 24 अक्टूबर, 2026। समाजवादी पार्टी द्वारा दिनांक 15 अक्टूबर 2026 को प्रेस वार्ता के माध्यम से लगाये गये आरोप "विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में विकास यादव नामक व्यक्ति का नाम 10 बार अंकित होने" का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रकरण की विस्तृत जांच आख्या जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ से प्राप्त की गयी। प्राप्त जांच आख्या के अनुसार समान नाम,समान वल्दियत का एक मतदाता गोरखपुर जनपद के विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र चौरीचौरा से सम्बन्धित है, जो अन्य 13 प्रविष्टियों से भिन्न है। विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में आरोप में उल्लिखित मतदाता ‘‘विकास यादव’’ का हिन्दी में नाम 13 बार अंकित होना पाया गया। 13 जगह मतदाताओं के नाम हिन्दी में ‘‘विकास यादव’’ प्रदर्शित होने के संदर्भ में 02 जगह पूर्व में ही नियमानुसार विलोपन की कार्यवाही की जा चुकी है। शेष 11 प्रविष्टियां जनपद आजमगढ़ के 11 अलग-अलग व्यक्तियों से सम्बन्धित हैं, जो अपने-अपने गांव में वर्तमान में निवास कर रहे हैं और उन 11 में से वास्तविक ‘‘विकास यादव’’ को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के वास्तविक नाम एवं अन्य विवरण के संशोधन हेतु को फार्म-8 भरवा दिया गया है। प्रकरण में दोषी पाये गए मतदाता पंजीकरण केन्द्र के कम्प्यूटर सहायक एवं बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची के कार्य से तत्काल हटाते हुए उनकी सेवा समाप्त किये जाने सम्बन्धी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकरण के लिए जिम्मेवार विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र 347-आजमगढ़ के कम्प्यूटर सहायक एवं बूथ लेवल अधिकारियों, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 02 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत कार्रवाई किये जाने से पूर्व उनको नोटिस दिए जाने के निर्देश दिये गये हैं। मतदाता सूची तैयार करने के कार्य में अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने के लिए तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 02 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ किये जाने हेतु आरोप पत्र जारी किये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं। जनपद आजमगढ़ के समस्त विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की भी इस बिन्दु पर गहनता से जांच कर विस्तृत आख्या एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश भी जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को दिये गये हैं।
— CEO Uttar Pradesh (@ceoup) October 24, 2026
