यूपी में भ्रष्टाचार पर एक्शन, परिवहन आयुक्त के निर्देश पर प्रयागराज के यात्री -मालकर अधिकारी निलंबित
Action on Corruption in UP: कार्रवाई प्रवर्तन वाहन में एक निजी व्यक्ति के कैश गिनते हुए दिखाई देने के मामले में की गई।

परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन
HighLights
प्रवर्तन वाहन में एक निजी व्यक्ति से कैश गिनवाने का आरोप
उप परिवहन आयुक्त वीके सिंह को बनाया गया जांच अधिकारी
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : प्रयागराज के यात्री/मालकर अधिकारी रणवीर सिंह चौहान को परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रवर्तन वाहन में एक निजी व्यक्ति के कैश गिनते हुए दिखाई देने के मामले में की गई।
इस प्रकरण की जांच में प्रथम दृष्टया चौहान को जिम्मेदार माना गया है। परिवहन आयुक्त के अनुसार, प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान निजी व्यक्ति के माध्यम से अवैध वसूली किए जाने की बात सामने आई है। इससे विभाग की छवि प्रभावित हुई। निजी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उप परिवहन आयुक्त वीके सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्हें एक माह में रिपोर्ट देनी होगी।
नागालैंड व आंध्र प्रदेश में बस पंजीकृत, लखनऊ से संचालन
लखनऊ के अवध चौराहे के निकट नहरिया व ट्रांसपोर्ट नगर से ऐसी निजी बसों का संचालन हो रहा है जो नागालैंड, आंध्र प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में पंजीकृत हैं लेकिन, लखनऊ से दिल्ली व अन्य मार्गों पर संचालन कर रही हैं। ऐसी 20 को बंद किया गया और 28 स्लीपर बसों का चालान किया गया है।
वातानुकूलित स्लीपर बसों में आग लगने और क्षमता से अधिक यात्री बैठाने की कई शिकायतें हो चुकी हैं। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने असुरक्षित बसों की जांच के लिए व्यापक प्रवर्तन अभियान शुरू कराया है। अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन केडी सिंह के नेतृत्व में लखनऊ के आसपास के जिलों की टीमों ने पुलिस के सहयोग से बसों की जांच किया। आगरा एक्सप्रेसवे पर हुई जांच में बसों में क्षमता से अधिक सीटें मिली। संचालक सुरक्षा उपकरणों में कमी व यात्री सुरक्षा में लापरवाही भी बरत रहे थे।
अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन ने बताया कि आपरेशन कवच 2.0 के तहत अभियान के दौरान अधिकारियों ने बसों के आपातकालीन निकास, अग्नि सुरक्षा उपकरणों व अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, साथ ही यात्रियों की भी काउंसिलिंग की गई कि वे आपातकालीन स्थितियों में क्या करें और क्या न करें।
