लखीमपुर, जागरण संवाददाता। लखीमपुर खीरी हिंसा से जुड़े सि‍ंगाही निवासी उल्लास त्रिवेदी उर्फ मोहित त्रिवेदी, थाना तिकुनिया के बरसोला कला निवासी रिंकू राणा व तिकुनिया के चिम्म टांडा निवासी धर्मेंद्र कुमार की जमानत अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई के बाद जिला जज मुकेश मिश्रा ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। मंगलवार को नियत समय पर आरोपितों के अधिवक्ता व जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरवि‍ंद त्रिपाठी जिला जज की अदालत में पहुंच गए।

मामले के विवेचक ने सुनवाई शुरू होते ही अदालत में केस डायरी पेश की। आरोपितों के अधिवक्ता ने आरोपितों को निर्दोष बताते हुए अपनी बहस में कहा कि आरोपितों के द्वारा कोई भी घटना कारित नहीं की गई है। आरोपित घटना के समय घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे और उनके खिलाफ घटना का कोई सुबूत भी नहीं है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरवि‍ंद त्रिपाठी ने जमानत अर्जी का जोरदार विरोध करते हुए अपनी बहस में आरोपितों की मौजूदगी घटना स्थल पर होना बताया। जिला जज मुकेश मिश्र ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया था शाम चार बजे के करीब फैसला आने पर तीनों आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

आदेश में घटना की बाबत मुकदमे के तीन गवाहों के बयानों का हवाला भी दिया गया है। तीन अक्टूबर को स्कार्पियो सवार तीनों आरोपित केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पैतृक गांव बनवीरपुर में दंगल देखने गए थे। वहीं बनवीरपुर मार्ग पर हि‍ंसा में चार किसानों एक पत्रकार समेत आठ लोगो की मौत हो गई थी। घटना में जिला बहराइच के नानपारा निवासी जगजीत सि‍ंह की तहरीर पर थाना तिकुनिया में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्रा समेत 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, दुर्घटना व हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।

23 अक्टूबर को तीनों आरोपित उल्लास त्रिवेदी उर्फ मोहित त्रिवेदी, रि‍ंकू राणा व धर्मेंद्र कुमार को एसआइटी ने गिरफ्तार कर लिया था। आठ नवंबर को आरोपितों के अधिवक्ता ने जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की थी। 30 नवंबर मंगलवार को सुनवाई के बाद जिला जज मुकेश मिश्र ने तीनों आरोपितों रि‍ंकू राणा, धर्मेंद्र कुमार, उल्लास त्रिवेदी उर्फ मोहित त्रिवेदी की जमानत अर्जी खारिज कर दी ।

Edited By: Anurag Gupta