लखनऊ, जेएनएन। राजधानी के चर्चित ओमेक्स रेजीडेंसी के फ्लैट में पुलिसकर्मियों के डाका डालने के मामले में कोर्ट में आत्मसमर्पण करने वाले अधिवक्ता मधुकर को पुलिस ने रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस डकैती के रुपए की बरामदगी का प्रयास करेगी। मामले में अभी भी दो आरोपित फरार हैं। बता दें, 11 मार्च आरोपित मुखबिर मधुकर ने स्पेशल सीजीएम छह के अंतर्गत खुद समर्पण किया था। आरोपित गाजीपुर थाने में दर्ज पुराने मामले में हाजिर हुआ था। 

डकैती में शामिल चार अन्य भी हिरासत में 

बता दें, मामले में अब तक दारोगा पवन कुमार मिश्रा, आशीष तिवारी, सिपाही प्रदीप कुमार भदौरिया और उसके निजी वाहन चालक आनंद यादव को बीते दिन यानी 10 मार्च को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा जा चुका है।

रुपयों के साथ मधुकर को नीचे छोडऩे आया था पवन

सीसी कैमरे में आरोपित 9 मार्च की सुबह करीब छह बजकर 19 मिनट पर फ्लैट में दाखिल होते नजर आए हैं। महज 10 मिनट में ही आरोपितों ने दो बैग में एक करोड़ 85 लाख रुपये भर लिए। इसके बाद दारोगा पवन अपार्टमेंट के नीचे मुखबिर मधुकर के साथ उसकी गाड़ी में रुपये रखवाते देखा गया है। रुपये मिलने के बाद मधुकर वहां से चला गया था। बताया गया कि गोसाईगंज थाने में तैनात प्रशिक्षु आइपीएस भी ओमेक्स रेजीडेंसी में ही रहते हैं, जो जानकारी मिलने के कुछ ही देर बाद वहां पहुंच गए थे। 

सीसी से हुई शिनाख्त

ओमेक्स रेजीडेंसी में कोयला व्यवसायी अंकित अग्रहरि के फ्लैट में डकैती प्रेकरण में शामिल पांच आरोपितों की सीसी से ने दो अन्य की भी पहचान कर ली। एसएसपी के मुताबिक सीसी फुटेज के आधार पर आरोपितों की शिनाख्त राधाकृष्ण उपाध्याय और यशराज तिवारी के रूप में हुई। मधुकर व उसके साथियों की तलाश में पुलिस टीमें छापेमारी में लगी थी। 

 

Posted By: Anurag Gupta

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