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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

AAP विधायक सोमनाथ को मिली रिहाई, बोले- योगी की संविधान से आस्था खत्म हो चुकी

By Divyansh RastogiEdited By:
Published: Tue, 19 Jan 2021 11:16 AM (IST)Updated: Tue, 19 Jan 2021 02:27 PM (IST)

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पर अभद्र टिप्‍पणी करने के मामले में दर्ज हुआ था अमेठी जिले के जगदीशपुर ...और पढ़ें

15 जनवरी को विधायक को मिली थी सशर्त जमानत।
15 जनवरी को विधायक को मिली थी सशर्त जमानत।

सुलतानपुर, जेएनएन। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पर अभद्र टिप्‍पणी करने के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्‍ली से विधायक सोमनाथ भारती जिला कारागार से मंगलवार को रिहा हो गए। रिहाई के बाद विधायक ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि भाजपा सरकार ने उन्हें जेल में डालकर अच्छा किया। जेल व्यवस्था की विफलता का अंदाजा दे देता है। यूपी में गलत देखूंगा तो बोलूंगा। सरकार मुझे जेल में रखे या फांसी पर चढ़ा दे। कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 

उन्होंने कहा कि योगी की संविधान से आस्था खत्म हो चुकी है। वह संवैधानिक मूल्यों को दरकिनार कर रहे हैं। तानाशाही के जरिए विपक्षियों का मुंह बंद करना चाहते हैं। हम उनमें से नहीं हैं। उनकी राजनीतिक विफलता, अस्पताल, स्कूल की बदहाली के बारे में लोगों को बताएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में हर व्यक्ति यही कह रहा है कि प्रदेश में अघोषित आपातकाल लग गया है। कांग्रेस ने घोषित आपात काल लगाया था, लेकिन यह सरकार अघोषित रूप से सत्यता बयान करने से रोक रही है। इसी तरह का ट्रीटमेंट विपक्षियों को देंगे तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। 

आंशिक रूप से पेश किया गया मेरा बयान: विवादित टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उनके बयान को आंशिक रूप से पेश किया गया है। राज्य सरकार के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के क्षेत्र प्रयागराज के एक अस्पताल में वह गए थे। वहां एक कमरे में कुत्ते के सात आठ बच्चे पैदा हुए थे। अस्पताल की व्यवस्था बेहद खराब थी। उसी की ओर मेरा इशारा था...। 

सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा मामला, तथ्‍यों को तोड़ा मरोड़ा गया : सोमनाथ ने कहा कि रायबरेली में मेरे संवैधानिक अधिकार का हनन किया गया। पुलिस की मौजूदगी में मेरे ऊपर स्याही फेंकी गई। इसके पूर्व मुझे मेरे कमरे के बाहर मूवमेंट से रोका गया। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे। योगी के मौत के बयान पर उनका कहना था कि उन्होंने उनके कार्यशैली को लेकर राजनीतिक मौत की बात कही थी। तथ्यों को तोड़ा मरोड़ा गया है।

बताते चले कि आप विधायक पर बीते दस जनवरी को अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने में यूपी मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ पर अभद्र टिप्‍पणी मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। विधायक 11 जनवरी को अमेठी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर एमपीएमएलए कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें 15 जनवरी को सशर्त जमानत मिली थी। वहीं, रायबरेली जिले में दर्ज इसी मामले में 16 जनवरी को एमपीएमएलए कोर्ट से जमानत मंजूर की गई थी। आप विधायक को शनिवार की देर शाम सुलतानपुर जिला कारागार से दिल्ली में दर्ज मुकदमे की सुनवाई के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच ले जाया गया था। विधायक मंगलवार की भोर वह दिल्ली से वापस लौटे थे, जिसके बाद उन्हें सुबह साढ़े नौ बजे रिहा किया गया। रिहाई को लेकर आप कार्यकर्ताओं ने खुशी का इजहार किया। विधायक सीधे दिल्ली रवाना हुए है। सोमवार की देर शाम रिहाई का आदेश जेल में पहुंचा था।