- याचिका खारिज -

- आयकर विभाग के पुनर्मूल्यांकन नोटिस को दी गई थी चुनौती

- आयकर विभाग को है पुनर्मूल्यांकन का अधिकार: हाईकोर्ट जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : यंग इंडियन और नेशनल हेराल्ड मामले में आरोपित कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को आयकर विभाग द्वारा भेजे गए पुनर्मूल्यांकन के मामले में हाईकोर्ट से झटका लगा है। न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट्ट व न्यायमूर्ति एके चावला की दो सदस्यीय पीठ ने राहुल गांधी व सोनिया गांधी की चुनौती याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि आयकर विभाग के पास पुनर्मूल्यांकन का अधिकार है। अगर याचिकाकर्ता को कोई आपत्ति है तो वह आयकर विभाग के समक्ष अपनी बात रख सकता है। पीठ ने इसी मामले में कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नाडीज की याचिका को भी खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि आयकर विभाग ने राहुल गांधी को वित्तीय वर्ष 2011-12 के पुनर्मूल्यांकन का नोटिस भेजा था। नोटिस के अनुसार आयकर विभाग ने पुनर्मूल्यांकन करने का फैसला इसलिए किया है, क्योंकि राहुल गांधी ने यह जानकारी नहीं दी थी कि वह वर्ष 2010 में यंग इंडियन के डायरेक्टर थे। पिछली सुनवाई के दौरान राहुल गाधी के वकील ने दलील दी थी कि उन पर किसी तरह का आयकर बकाया नहीं है और इसलिए राहुल किसी तरह का आयकर चुकाने के हकदार भी नहीं हैं। राहुल के बाद मामले में सोनिया गांधी व ऑस्कर फर्नाडीज ने भी नोटिस को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उक्त तीनों की चुनौती याचिका पर एक साथ सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद सोमवार को हाई कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।

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यह है मामला

नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र की मालिकाना कंपनी एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) है। साल 2010 में काग्रेस ने कंपनी को 90 करोड़ का कथित लोन देकर इसकी देनदारियों को अपने पास कर लिया था। फिर पांच लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई थी, जिसमें सोनिया गाधी और राहुल गांधी की 38-38 फीसद हिस्सेदारी तय हुई थी। 24 फीसद हिस्सेदारी काग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नाडीज की है। राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि काग्रेस ने यंग इंडियन को एजेएल को खरीदने के लिए असुरक्षित कर्ज दिया था। मामले में सोनिया और राहुल गांधी के अलावा काग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, आस्कर फर्नाडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडियन आरोपी हैं। आरोप है कि गाधी परिवार नेशनल हेराल्ड की प्रॉपर्टी का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहा है।

Posted By: Jagran